‘हम स्वतंत्र देशों के नेता हैं’, ट्रंप से रिश्तों पर नेतन्याहू बोले- न वो मेरी हर बात मानते हैं, न मैं उनकी सुनता हूं

तेल अवीव। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती है, लेकिन हर मुद्दे पर हमेशा सहमति नहीं बनती।

एक अंतरराष्ट्रीय नीति सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूं और न ही मैं वह सब करता हूं जो वह चाहते हैं। हम स्वतंत्र और गर्व करने वाले देशों के नेता हैं।”

🇺🇸 हर मुद्दे पर अलग हो सकती है राय

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका और इजरायल करीबी सहयोगी हैं, लेकिन दोनों देशों के अपने-अपने हित और नीतियां हैं। ऐसे में कई बार दोनों नेताओं की राय अलग होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेते हैं और एक-दूसरे की हर इच्छा पूरी करना हमेशा संभव नहीं होता।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच आया बयान

नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल हमास, हिज्बुल्लाह और ईरान समर्थित समूहों से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिका लंबे समय से इजरायल का समर्थन करता रहा है, लेकिन कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद भी सामने आते रहे हैं।

नेतन्याहू के बयान को ट्रंप-इजरायल संबंधों और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 ‘हम स्वतंत्र देशों के नेता हैं’, ट्रंप से रिश्तों पर नेतन्याहू बोले- न वो मेरी हर बात मानते हैं, न मैं उनकी सुनता हूं

तेल अवीव। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती है, लेकिन हर मुद्दे पर हमेशा सहमति नहीं बनती।

एक अंतरराष्ट्रीय नीति सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूं और न ही मैं वह सब करता हूं जो वह चाहते हैं। हम स्वतंत्र और गर्व करने वाले देशों के नेता हैं।”

🇺🇸 हर मुद्दे पर अलग हो सकती है राय

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका और इजरायल करीबी सहयोगी हैं, लेकिन दोनों देशों के अपने-अपने हित और नीतियां हैं। ऐसे में कई बार दोनों नेताओं की राय अलग होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेते हैं और एक-दूसरे की हर इच्छा पूरी करना हमेशा संभव नहीं होता।

 मिडिल ईस्ट तनाव के बीच आया बयान

नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल हमास, हिज्बुल्लाह और ईरान समर्थित समूहों से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिका लंबे समय से इजरायल का समर्थन करता रहा है, लेकिन कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद भी सामने आते रहे हैं।

नेतन्याहू के बयान को ट्रंप-इजरायल संबंधों और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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