जिला प्रशासन से बिना पूर्व अनुमति नहीं हो सकेंगे धरना, जुलूस,प्रदर्शन,अनशन के कार्यक्रम

जांजगीर चांपा कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने जारी किए नए आदेश

धरना, जुलूस, प्रदर्शन, अनशन के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक- कलेक्टर शुक्ला, सभी एसडीएम को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने दिए निर्देश

सक्ति-जांजगीर चांपा जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने जिले में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक हित के मद्देनजर धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन, भूख हड़ताल आदि के लिए जिला प्रशासन से पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने कहा है,इस संबंध में राज्य सरकार ने भी कलेक्टरों को निर्देशित कर कहा है कि बिना अनुमति के उक्त निर्देश का उल्लंघन कर सभा, जुलुस,धरना, प्रदर्शन आदि आयोजित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने कहा है कि पूर्व में विविध, निजी,सार्वजनिक, धार्मिक, राजनैतिक, अन्य संगठनों अथवा संस्थाओं के द्वारा विभिन्न आयोजनों, यथा- धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक, आदि आयोजन जिसमें भीड़ आती हो, उनका जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति प्राप्त कर आयोजित किये जाते थे,प्रशासन के संज्ञान में आया है कि विभिन्न संस्थाओं ,संगठनों के द्वारा उपरोक्तानुसार आयोजन जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना ही आयोजित किये जा रहे हैं या फिर अनुमति प्राप्त करने के पश्चात् आयोजन के स्वरूप में परिवर्तन कर देते हैं,ऐसी स्थिति में जहां एक ओर आम नागरिकों के दैनंदिन कार्यों में बाधा पहुंचती है और व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित होती है। वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था बिगड़ जाने की प्रबल आशंका बनी रहती है। अतः सार्वजनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने के मद्देनजर उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में जिला प्रशासन की विधिवत अनुमति प्राप्त करने की परिपाटी पुनः सख्ती से लागू किया जाना उचित और सामयिक प्रतीत होता है,कलेक्टर ने विभिन्न संस्थाओं, संगठनों के लिये यह अनिवार्य कर दिया है कि आयोजन करने के पूर्व जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति अवश्य प्राप्त करें, ताकि जिला प्रशासन को रूट परिवर्तन, आम नागरिकों के आवागमन, बाजार व्यवस्था एवं सुरक्षा के उपाय करने तथा सुचारू रूप से प्रशासनिक व्यवस्था बनाने हेतु पर्याप्त समय मिल सके,कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम से कहा है कि वे आयोजनों के संबंध में आवेदन का प्रारूप, निर्धारित शर्तें एवं घोषणा पत्र निर्धारित प्रारूप में प्राप्त करें । उन्होंने कहा है कि विभिन्न संस्थाओं, संगठनों से निर्धारित प्रारूप में आवेदन सम्पूर्ण विवरण सहित प्राप्त किया जाए। तद्नुसार अनुमति देने अथवा नहीं देने के निर्णय से संबंधितों को सूचित किया जाये। कलेक्टर ने सभी एसडीएम से कहा है कि वे उपरोक्त निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें

उल्लेखित हो कि जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर ने 24 अप्रैल को उपरोक्त निर्देश तो जारी कर दिए हैं, किंतु क्या जिले में उपरोक्त निर्देशों का परिपालन कड़ाई से हो सकेगा, यह कोविड-19 काल में देखा गया है कि जब पूरे जिले में कोविड-19 गाइड लाइन को लेकर धारा 144 लागू की गई थी, किंतु इसके बावजूद राजनीतिक दलों एवं अनेकों कर्मचारी संगठनों तथा संस्थाओं के धरना, प्रदर्शन, खुलेआम जिला मुख्यालय जांजगीर सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर किए गए, किंतु इसके बावजूद जिला प्रशासन की नाक के नीचे हुए इन धरना प्रदर्शन को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई, किंतु आज जिले में कोरोना की सामान्य परिस्थितियों होने के बावजूद इस तरह के आदेश जारी करने से क्या राजनीतिक पार्टियां एवं संगठन इस आदेश का पालन करेंगे, एवं यदि जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं मिलेगी तो क्या संस्थाएं अपने आंदोलन या की हड़तालो को स्थगित कर देगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, किंतु जिला प्रशासन द्वारा आगामी दिनों में की जाने वाली सख्ती को लेकर जारी किए गए इस दिशा- निर्देश से राजनीतिक दलों एवं संगठनों को सावधान होने की आवश्यकता जरूर नजर आती है

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