रायपुर। राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर मुक्तिधाम में विंग कमांडर विपुल यादव का अंतिम संस्कार किया गया। 8 साल के बेटे आराध्य ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। एयरफोर्स के प्रोटोकॉल के तहत उनके सम्मान में हवाई फायरिंग की गई। इस दौरान उनके परिजन, पत्नी और बच्चे भावुक नजर आए।
विपुल यादव ने 11 मार्च को पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी के बंगला नंबर-79 में फांसी लगा ली थी। घटना की जानकारी सबसे पहले घर में काम करने वाली मेड ने पुलिस को दी। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन परिजनों ने पत्नी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। विपुल यादव (39) मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे और रायपुर में तैनात थे।
वे छत्तीसगढ़ में एंटी-नक्सल ऑपरेशन से जुड़े थे। घटना के समय उनके दोनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी दिल्ली में कार्यरत थीं। यादव और उनकी पत्नी ने 2014 में लव मैरिज की थी। पत्नी पहले एयरफोर्स में थीं और अब आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। विपुल के पिता डॉक्टर राजबहादुर यादव ने कहा- हम लोगों ने जानने की कोशिश की लेकिन विपुल हमें कुछ क्लीयर बताता नहीं था। दोस्तों से भी कुछ शेयर नहीं करता था। हमने विपुल से पूछने का प्रयास किया पर वह हमेशा कह देता था- छोड़िए जाने दीजिए।