कोट्टायम: वैलेंटाइन डे के दिन केरल के कोट्टायम में एक बीवी ने अपने पति को लिवर दान करके सच्चे प्यार की मिसाल पेश की है. यह दूसरी बार है जब प्रदेश में किसी सरकारी हॉस्पिटल में लिवर ट्रांसप्लांट किया गया है. घटना कुन्नमकुलम के वेलूर कोट्टापाडी की है. यहां 39 वर्षीय प्रविजा ने अपने पति सुबीश (43) को लिवर दान किया है. यह सर्जरी कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में सोमवार प्रातः 6 बजे आरम्भ की गई थी. तथा लगभग 17 घंटों तक चली. इस सर्जरी के चलते सबसे पहले प्रविजा के लिवर का लगभग 40 फीसदी भाग निकाला गया. समानांतर में सुबीश का लिवर भी निकाला गया. सर्जरी का फर्स्ट फेज शाम 5 बजे पूरा हुआ.
तत्पश्चात, साढ़े पांच बजे सुबीश के शरीर पर प्रविजा के लिवर के भाग को ट्रांसप्लांट करना आरम्भ किया गया. फिर अगले पांच घंटे पश्चात् ऑपरेशन पूरा हुआ. इस ऑपरेशन को डॉक्टर आरएस सिंधु के नेतृत्व में 29 अन्य चिकित्सकों की टीम ने 9 तकनीशियनों की मदद से कामयाब बनाया. वहीं ऑपरेशन के पश्चात् सुबीश को ICU में शिफ्ट कर दिया गया. एमसीएच अधीक्षक डॉ. टीके जयकुमार के अनुसार, रात 10.30 बजे तक सर्जरी पूरी हो गई तथा 1 घंटे के ऑब्जर्वेशन के पश्चात् सुबीश को वेंटिलेटर पर रखा गया है. हालांकि सुबीश के लिए अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं.
तो वहीं केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, ”यह केरल में अंग प्रत्यारोपण सर्जरी के सेक्टर में एक बड़ा मील का पत्थर है.” वही इससे पहले बीते वर्ष, यूपी के बदायूं में लिवर के काम नहीं करने के कारण गंभीर तौर पर बीमार 14 वर्ष के एक युवक को उसकी दो बड़ी बहनों ने अपना आधा-आधा लिवर देकर जान बचाई. यह कामयाब ऑपरेशन गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में किया गया. 14 वर्षीय अक्षत का वजन 93 kg था, उसके पेट में पानी भर गया था तथा सूजन आ गई थी. 12 अगस्त 2021 को मेदांता हॉस्पिटल के लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के चेयरमैन डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. नीलम मोहन ने अपनी टीम के साथ यह सर्जरी की, जो लगभग 15 घंटे तक चली. इसमें अक्षत की दो बड़ी बहनों प्रेरणा (22) व नेहा (29) ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपने यकृत का आधा-आधा भाग दिया.