साउथ अफ्रीका के खिलाफ रांची वनडे मैच में 84 गेंदों पर 93 रनों की विस्फोटक पारी खेल कर सीरीज में टीम इंडिया की वापसी कराने वाले ईशान किशन ने अपनी पारी में चौके से ज्यादा छक्के मारे। उन्होंने अपनी पारी में केलसल 4 चौके जबकि 7 छक्के लगाए। हालांकि वह अपने होम ग्राउंड पर 7 रनों के मामूली अंतर से शतक बनाने से चूक गए। टी20 क्रिकेट में गिने-चुने बल्लेबाज ही हैं जो ईशान किशन की तरह आसानी से छक्के मार सकते हैं।
मैच के बाद जब उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्ट्राइक रोटेट करने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि “रोटेट करने की जहां तक बात है वह कुछ प्लेयर का स्ट्रैंथ होता है जबकि किसी का स्ट्रैंथ होता है छक्का मारना तो मेरे जैसा छक्का भी इतनी जल्दी कोई नहीं मार सकता है; मैं आसानी से छक्का मारता हूं वो मेरा स्ट्रैंथ है। मैं अगर छक्के से ही काम कर लेता हूं तो रोटेट का उतना सोचता नहीं हूं।”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “बहुत ऐसे इनिंग्स होंगे जहां रोटेशन की भी आवश्यकता होगी। अगर पहले विकेट गिर गए हों तो इसके लिए भी हमें तैयार रहने की जरुरत है लेकिन अगर छक्का लगाने वाली गेंद है तो मारो छक्का।”
मैच की बात करें तो 279 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत एकबार फिर खराब रही और केवल 48 रन के स्कोर पर उसने अपने दोनों सलामी बल्लेबाज को गंवा दिया। लेकिन तीसरे विकेट के लिए श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने 161 रनों की साझेदारी कर साउथ अफ्रीका के हाथों से मैच छिन लिया। किशन की 93 रनों की पारी के अलावा श्रेयस अय्यर ने 113 रनों की नाबाद पारी खेली जिसकी बदौलत टीम ने 25 गेंद शेष रहते ही मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया और सीरीज मे 1-1 की बराबरी कर ली।