नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 2022-23 के आम बजट को देश के गरीब, युवाओं और मिडिल क्लास का बजट करार दिया है. बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किए जाने को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि जब गरीब व्यक्ति को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ दिया जाता है, तो वह अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल देश के विकास में करता है. इस बजट का मकसद भी देश के गरीब, युवाओं और मध्यम वर्ग को मूलभूत सुविधाएं और आय के स्थायी साधन प्रदान करना है.
पीएम मोदी ने आज बजट को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संवाद किया. चुनावी माहौल में उन्होंने कार्यकर्ताओं से बजट की बारीकियों को देश की आम जनता के बीच ले जाने का अनुरोध भी किया. अपने संबोधन में देश के गरीबों को पक्का आवास देने की योजना का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, ‘गरीब का एक सपना अपना घर भी होता है. इसलिए इस वर्ष बजट में गरीबों के लिए 80 लाख पक्के आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इस पर लगभग 50,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे.’
अपने बचपन की यादों के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, ‘जब मैं छोटा था, तब लखपति होना बहुत बड़ी बात लगती थी. ऐसा लगता था, जैसे कोई अलग दुनिया हो. मगर हमने पिछले 7 वर्षों में जितने लोगों को घर दिए हैं, उनकी कीमत के हिसाब से देखें तो 3 करोड़ लोगों को ये घर देकर हमने ‘लखपति’ बना दिया है. मौजूदा वक़्त में हमने पहले के मुकाबले इन घरों के लिए रकम भी बढ़ाई गई है और इनका आकर भी बढ़ाया है ताकि बच्चों के लिए पढ़ाई की जगह मिल जाए. इसमें से अधिकतर घर महिलाओं के नाम पर भी हैं.’