वर्चुअल सेमिनार- परीक्षाओं को अभिभावक हौव्वा बनाने से बचें:डॉ पाटील,सीसीएफ की 138 वी कार्यशाला में हुई परीक्षा पर चर्चा, जांजगीर-चांपा जिले से अध्यक्ष नम्रता पटेल सहित अन्य सदस्य हुए शामिल

सक्ति– हर बच्चा अपनी जन्मजात प्रतिभा के साथ जन्म लेता है, अभिभावकों की महती जिम्मेदारी है कि वह निजी जीवन में जामवंत की भूमिका का निर्वहन करें ठीक वैसे ही जैसे हनुमान जी को उनकी अपार शक्तियों औऱ क्षमताओं का भान जामवंत जी ने कराया था। हर अभिभावक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बच्चा किसी दूसरे बच्चे की तरह नही बल्कि खुद के वैशिष्ट्य का स्वामी है। यह बात आज तमिलनाडू केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ आनन्द पाटील ने सीसीएफ की 138वी ई कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।परीक्षाओं में तनाव प्रबंधन विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षाओं को हमारे अभिभावको ने हौव्वा बना दिया है जबकि सच्चाई यह है कि बच्चे कक्षा एक से ही हर साल परीक्षा देते हैं और साल भर अन्य परीक्षाएं भी देते रहते हैं इसलिए बोर्ड की परीक्षाओं को भी इसी तरह से लिये जाने की आवश्यकता है, डॉ पाटील ने कहा कि बच्चों के सामने आज केरियर के बहुत अधिक विकल्प उपलब्ध है इसलिए एक दो विकल्पों पर ही हमें नही टिकना चाहिए।उन्होंने कहा कि केवल अंकों की आवश्यकता जीवन को पूर्ण नही बनाती है। जीवन में सफलता से अधिक सार्थकता एवं सुफल तत्व को पकड़ने की आवश्यकता होती हैं। हमें एक ही धारा मे चलने से बचना चाहिए।  बच्चों को यह बताया जाना चाहिए कि एक क्षेत्र में असफल होने से जीवन रुकता नही है बल्कि एक असफलता बीसियों संभावनाओं के द्वार खोलती है।डॉ पाटील ने बताया कि परीक्षाओं के समय अभिभावकों को नकारात्मक प्रवृति वाले लोगों से दूर रहना चाहिये और बच्चों को एकाग्रता के साथ अध्ययन के लिए सहायक की भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने प्राणायाम जैसे योगासनों को दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया,साथ ही परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण टिप्स भी कार्यशाला में जुड़े बाल अधिकार कार्यकर्ताओं को बताए

कार्यशाला का संचालन सीसीएफ के राष्ट्रीय सचिव डॉ कृपाशंकर चौबे ने किया एवं आभार प्रदर्शन की रस्म मीडिया प्रभारी डॉ अजय खेमरिया ने पूरी की। कार्यशाला में देश भर के 15 राज्यों से सीडब्ल्यूसी एवं जेजेबी सदस्यों ने भाग लिया जिसमें जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नम्रता पटेल भी सम्मिलित रही व अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया आपसी चर्चाओं के द्वारा हुआ, उपरोक्त सेमिनार में बाल कल्याण समिति जांजगीर-चांपा जिले की अध्यक्ष नम्रता पटेल सहित अन्य सदस्य भी शामिल हुए तथा नम्रता पटेल ने भी उपरोक्त विषय पर अपने विचार रखें तथा सुझाव भी प्रस्तुत किए|

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