नई दिल्ली: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 7 जनवरी को तीसरे ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2020’ का ऐलान कर दिया है। इसमें सबसे अधिक अवार्ड उत्तर प्रदेश ने जीते हैं। उत्तर प्रदेश को ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी’ में प्रथम स्थान हासिल हुआ है। राजस्थान दूसरे और तमिलनाडु तीसरे स्थान पर रहा है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस उपलब्धि के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई दी है।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि, ‘कृषि, उद्योग और अन्य घरेलू जरूरतों की पूर्ति के लिए निरंतर जल का दोहन हो रहा है। पानी की उपलब्धता लगातार घटी है, किन्तु इसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। बरसात के भी रूप बदल रहे हैं। वर्ष 2050 तक जल की माँग में काफी इजाफा होने वाला है और ये वर्तमान के तकरीबन 1,100 बिलियन क्यूबिक मीटर से बढ़कर 1,447 बिलियन क्यूबिक मीटर तक जा सकती है। अतः मिलकर कोशिश करना अत्यंत आवश्यक है।’ उत्तरी जोन का सबसे बेहतर जिला उत्तर प्रदेश का मुज़फ्फरनगर रहा। पंजाब का शहीद भगत सिंह नगर दूसरे पायदान पर रहा। दक्षिण ज़ोन में केरल का तिरुवनंतपुरम ने पहला और आंध्र प्रदेश के कडप्पा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
वहीं, पूर्व ज़ोन में बिहार का पूर्वी चंपारण को पहला और झारखंड को गोड्डा द्वितीय स्थान दिया गया। मध्य प्रदेश का इंदौर पश्चिम ज़ोन में पहले और गुजरात का वड़ोदरा राजस्थान के बाँसवाड़ा के साथ संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर रहा। उत्तर-पूर्व ज़ोन में असम के गोलपरा और अरुणाचल प्रदेश के सियांग को अवार्ड मिला। वहीं, सबसे बेहतर गाँवों की श्रेणी में उत्तराखंड के धंसपल गाँव को सम्मान मिला।