बालोद- कलेक्टर जनमेजय महोबे के मार्गदर्शन में जिले के दल्लीराजहरा कोंडे पावर हाउस स्तिथ शहरी परिवार कल्याण केंद्र में शिविर लगाकर प्रधानमंत्री मातृत्त्व सुरक्षा योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 से अधिक प्रेग्नेंट (गर्भवती) महिलाओं की जांच की गई। जांच के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल की सलाह दी गई। इस दौरान विशेष रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्नेहिल सिन्हा और एसडीएम मनोज मरकाम, जिला नोडल अधिकारी डॉ. संजीव ग्लैड, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ.विजय ठाकुर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ईश्वर चंद्राकर, फार्मेसिस्ट धीरज गौतम, सीआर हरेटिया सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्तिथ रहे। आपको बता दे कि प्रत्येक माह के 9 तारीख को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं का जांच किया जाता है। शिविर के जरिये गर्भवती महिलाओं को प्रसव के पूर्व जांच की सुविधा प्रदान करने एवं सुरक्षित प्रसव के लिए खासकर उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, हेमोग्लोबिन, वजन, ब्लड टेस्ट, एचआइवी टेस्ट आदि की जांच निशुल्क की जाती है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्नेहिल सिन्हा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित एवं बेहतर जांच जरूरी है। इससे प्रसव के दौरान आने वाली चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि महिलाओं को नियमित रूप से अपनी सेहत की जांच करानी चाहिए। इससे प्रसव के उपरांत जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित और सेहतमंद रहेगा। उल्लेखनीय हो कि देश के हर वर्ग की मदद के लिए सरकार तरह-तरह की योजनाएं चलाती है। इन सभी योजनाओं का मकसद होता है कि देश के गरीब वर्ग को भी बुनियादी सुविधाएं जैसे मकान, राशन और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकें। गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे में सरकार ने उनकी मदद करने के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मकसद यह है कि देश की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी गर्भावस्था के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इस योजना के तहत सरकार श्रमिक और दिहाड़ी मजदूरी करने वाली महिलाओं को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी मदद देती हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है। इस स्कीम के तहत महिलाएं गर्भावस्था के दौरान अस्पताल में फ्री में इलाज करवा सकती हैं। सरकार ने इस स्कीम की मदद से महिलाओं को नजदीकी अस्पताल में या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त में इलाज की सुविधा दी है। इसके अलावा अगर महिला को डिलेवरी के दौरान किसी तरह की परेशानी होती है, तो उसका खर्च भी सरकार द्वारा उठाया जाएगा।