नई दिल्ली : हरी सब्जियां भी अब आम लोगों के बूते से बाहर होती दिख रही हैं। मानसून की सक्रियता के साथ ही थोक मंडियों में सब्जियों की आवक में कमी देखी जा रही है, जहा एक सप्ताह पहले तक 30-40 रुपये प्रति किलो के भाव बिकने वाला टमाटर अब खुदरा भाव में 80-100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, मंडी में थोक रेट में टमाटर 70 से 80 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। बीते मई महीने में टमाटर का भाव 10 रुपये प्रति किलो था। अचानक टमाटर के दाम 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से ग्राहक परेशान हैं।
टमाटर के दामों में बढ़ोतरी कई कारणों हुई है. इसका मुख्य कारण ज्यादा गर्मी पड़ने, मानसून में देरी और किसानों की खेती करने की कम चाहत के कारण हुई है. एक किसान के हवाले से कहा, ‘पिछले साल की तुलना में इस साल फलों की बुआई कम हुई है. किसानों ने टमाटर की खेती में रुचि नहीं दिखाई.
टमाटर की खेती में किसानों की रुचि की कमी पिछले महीने फसल की कीमत में गिरावट के कारण है. मई में, टमाटर की कीमतें गिरकर 3-5 प्रति किलोग्राम हो गईं. जिसके चलते कई किसानों को फसल पर ट्रैक्टर चलाकर अपनी उपज फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ा.
अन्य सब्जियां भी महंगी
सिर्फ टमाटर ही नहीं, आलू-प्याज के अलावा अन्य सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं एक किलो बीन्स की कीमत 120- 140 के बीच है, गाजर की कुछ किस्मों की कीमतें 100 के आंकड़े को छू रही हैं, और शिमला मिर्च की कीमतें 80 प्रति किलोग्राम को पार कर गई हैं। सब्जियों के अलावा, अंडे की कीमतें 7- 8 रूपए तक बढ़ गई हैं.