प्रस्तावित मेसर्स बालाजी स्पंज उद्योग को लेकर ग्रामीणों मे भारी विरोध

पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई में बिफरे ग्रामीण।

एडीएम का ग्रामीणों ने किया घेराव।
तिल्दा-नेवरा। उद्योग स्थापना को लेकर आहूत पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई मे ग्रामीणों ने उद्योग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया , यहां तक कि नाराज ग्रामीणों ने एडीएम देवेन्द्र पटेल‌ का घेराव भी किया ,जिसके चलते कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया था , पुलिस प्रशासन को भी सतर्कता बरतनी पड़ी। मामला तिल्दा-नेवरा जनपद पंचायत क्षेत्र ग्राम अल्दा का है , जहां पर प्रस्तावित मेसर्स बालाजी स्पंज एवं पांवर लिमिटेड उद्योग स्थापना हेतु पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई संपन्न हुई। पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई में प्रभावित क्षेत्र के सैकडो महिला पुरूष शिरकत किये। पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई में शुरू से ही ग्रामीणों का प्रस्तावित उद्योग को लेकर विरोधाभास का गूंज गूंजने लगा। ग्रामीणों ने विभिन्न बिंदुओं का हवाला देते हुए प्रस्तावित उद्योग का घोर विरोध किया , कहां जावे तो जनदीर्घा से ऐसा कोई आवाज सुनने को नही‌ मिला जो उद्योग स्थापित करने के पक्षधर हो। ग्रामीणजन एक स्वर में प्रस्तावित उद्योग का विरोध किया।

बताया जा रहा है कि ग्रामीणों में प्रस्तावित उद्योग को लेकर इतना आक्रोश था कि पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई के एक दिन पूर्व लगायें गये पंडाल को‌ आग के हवाले कर दिया था। पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों के अलावा ग्रामीणजनो के विरोधी स्वर मुखर हो रहा था ,वहीं पर एक हाथ मे विरोध का तख्ती तो वहीं दुसरे हाथ में उद्योग नहीं लगाने की मांग का परिपत्र लेकर ग्रामीण नारेबाजी करते नजर आया , पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई में एडीएम देवेन्द्र पटेल से ग्रामीणो ने विरोध पत्र का रिसिप की मांग किया ,जिन पर एडीएम ने हामी भरी थी , लेकिन जब पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई का समापन होने के पश्चात भी ग्रामीणों को रिसिप नहीं मिला तो वे उद्वेलित हो गये उन्होंने एडीएम देवेन्द्र पटेल व अन्य अधिकारियों के वाहन‌ को घेरकर रिसिप की मांग करने लगे , जिसके चलते थोड़ी देर के लिए वातावरण में गर्माहट आ गई थी, ,इधर ग्रामीणों ने कहां कि किसी भी सूरत में इस क्षेत्र में उद्योग नहीं लगने दिया जावेगा। उन्होंने कोर्ट की शरण लेने की बात कही।

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