यूपी। मेरठ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की अहमियत और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के श्यामनगर में एक युवती दुल्हन का जोड़ा पहनकर और हाथों में अपने होने वाले शौहर के नाम की मेहंदी रचाकर इंतजार करती रही, लेकिन बारात लेकर दूल्हा नहीं पहुंचा। इस धोखे ने न केवल खुशियों के घर में मातम फैला दिया, बल्कि अपनी बेटी का घर बसता देखने का सपना संजोए पिता को ऐसा सदमा लगा कि सीने में दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया है।
पिता को अस्पताल पहुंचाने के बाद, हिम्मत जुटाकर दुल्हन खुद अपने परिजनों के साथ लिसाड़ीगेट थाने पहुंची। उसने दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जब दूसरे पक्ष (दूल्हे पक्ष) से संपर्क किया, तो बिचौलिए के माध्यम से एक अजीब दलील सामने आई। दूल्हे पक्ष का कहना था कि दूल्हे की मां इस निकाह के खिलाफ थी और उनकी शर्त थी कि जब तक लड़की वाले घर आकर दोबारा बात नहीं करेंगे, बारात नहीं जाएगी।