उत्तम तप धर्म -आत्मा की शुद्धि

बलौदा बाजार जैन समाज पर्यूषण पर्व बड़े ही धूमधाम और भक्ति पूर्वक मना रहा है आज का दिन उत्तम तप धर्म कहलाता है आत्मा की शुद्धि के लिए कठिनाइयों को सहना उपवास साधना करना तप कहलाता है तप धर्म से कर्मों का क्षय होता है आज तप धर्म के दिन श्री जी के अभिषेक के लिए प्रथम चार कलश का सौभाग्य रवि जैन ,जैनम जितेंद्र जैन ,आदि प्रवीण जैन, निष्कर्ष ऋषभ जैन को प्राप्त हुआ।
श्रीजी की प्रतिमा पर शांति धारा करने का सौभाग्य समाज के अध्यक्ष दिनेश जैन को प्राप्त हुआ उन्होंने यह शांति धारा अपने पूज्य स्वर्गीय नेमीचंद जी जैन की स्मृति में की, आज की महा आरती का सौभाग्य एक ही परिवार की देवरानी जेठानी विमला देवी इंद्र कुमार जैन , निर्मला देवी कपूर चंद जैन, बीना देवी पदमचंद जैन, साधना अनूप जैन को प्राप्त हुआ, आज की शांति धारा पाठ पदमचंद जैन द्वारा बोला गया, ऋषभ भैया और सौरभ भैया सकरी वाले ने धार्मिक भजन प्रस्तुत कर भक्ति मय माहौल बनाया। शांति धारा करने के पश्चात जैन समाज के अध्यक्ष दिनेश जैन ने बताया की तपना तप धर्म है बिना तपे बिना मेहनत के आप में निखार नहीं आ सकता, पंडित डीपी जैन और भिंड से आए हुए पंडित जी ने भी बताया तपस्या ,तप, उपवास के कारण ही आत्मा में तेज उत्पन्न होता है समाज की उमड़ती भीड़ और धर्म के प्रति उत्साह जैन समाज मंदिर परिसर में दिखाई दे रहा है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *