दंतेवाड़ा। बचेली क्षेत्र में एक 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. लाल नाला जैसे खतरनाक क्षेत्र में न तो चेतावनी बोर्ड हैं, और न ही बैरिकेडिंग की कोई व्यवस्था. मछली पकड़ने नाले में उतरे एक मासूम बच्चे की गहरे दलदल में फंसकर जान चली गई. घंटों की तलाश के बाद शव बरामद हुआ.
इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार नाले में खदानों से निकला आयरनयुक्त पानी इसे और खतरनाक बना देता है. ऊपर से सामान्य दिखने वाला यह पानी अंदर से दलदल बन जाता है, जिससे निकल पाना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों पर तत्काल सुरक्षा घेरा और चेतावनी संकेत लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.