तांत्रिक का सहारा लेना महंगा पड़ा, महिला को जान गवानी पड़ी

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक अंधविश्वास का मामला सामने आया है, जिसमें नवदंपति को संतान की चाह में तांत्रिक का सहारा लेना महंगा पड़ गया और महिला को जान गवानी पड़ी. बताया जा रहा है कि नवविवाहित दंपति संतान की चाह में तांत्रिक के पास गया था. उन्हें तांत्रिक ने झाड़ फूंक के बाद पान के साथ जड़ी-बूटी दे दिया. जिसे खाते ही दोनों पति-पत्नी की हालत बिगड़ गई. दंपति को फौरन अस्पताल ले जाया गया. जहां महिला को डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया और उसके पति की हालत गंभीर है, जिसका इलाज जारी है. इस पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई है. यह मामला उरगा थाना क्षेत्र का है.

जानकारी के अनुसार, उरगा थाना अंतर्गत ग्राम बरबसपुर में लवन पटेल निवास करता है. उसने अपने पुत्र रामाधार पटेल (28 वर्ष) का विवाह करीब एक साल पहले चांपा में रहने वाले फुल सिंह पटेल की पुत्री सुशीला पटेल (27 वर्ष) से किया था. रामाधार और उसकी पत्नी परिजनों के साथ ही रह रहे थे. शादी के एक साल बाद भी पति-पत्नी को संतान प्राप्त नहीं हुआ जिससे वे, हताश थे. उन्होंने संतान के लिए उपचार कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. जिससे नवदंपती ने झाड़ फूंक का सहारा लेना मुनासिब समझा. वे जोगियाडेरा में किराए में रहने लगे. सुशीला की बड़ी बहन सीतामढ़ी में रहती है. जिसकी तबियत बीते कुछ दिनों से ठीक नहीं है. शनिवार की सुबह रामाधार और उसकी पत्नी सीतामढ़ी में रहने वाली बहन के घर जाने के लिए निकले. जहां से रामाधार अपने ससुर फुल सिंह और पत्नी सुशीला के साथ तांत्रिक के घर चला गया. तांत्रिक करीब एक घंटे तक झाड़ करता रहा. इस दौरान उसने निःसंतान दंपती को परवाना दे दिया. जिसे खाते ही विवाहिता को उल्टी होने लगी. जिसकी जानकारी देकर तांत्रिक ने पति पत्नी को शांत करा दिया. फुल सिंह बेटी और दामाद को लेकर उनके घर जा रहा था. इसी बीच सुशीला की हालत बिगड़ गई. वहीं रामाधार को भी उल्टी होने लगी. उसने बेटी दामाद को सुनालिया पुल के समीप स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया. जहा नवविवाहिता ने दम तोड़ दी. उसके शव को मेडिकल कालेज अस्पताल के मर्च्यूरी में रखवाया गया.

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