सफलता की कहानी…विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के 600 बच्चे कुपोषण से हुए मुक्त

पहाड़ी कोरवा 3500 बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में दो दिन बुधवार और शुक्रवार को दिया जा रहा है अंडा
आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता और सहायिका कर रही है गृह भेंट चार परियोजना मनोरा, आस्ता, सन्ना, बगीचा के 232 आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिया जा रहा है अंडा

जशपुरनगर /जिला प्रशासन द्वारा जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार के बच्चों को कुपोषण से दूर करने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक आहार और प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है। खनिज न्यास निधी मंद से सप्ताह में दो दिन बुधवार और शुक्रवार को अंडा वितरण किया जा रहा है जिले के लगभग 3500 विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों को लाभ मिल रहा है।

कुपोषण को दूर करने के लिए भी आंगनबाड़ी केन्द्र के पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका द्वारा गृह भेंट करके पालको को जागरूक किया जा रहा है। और अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन आहार खिलाने की समझाईश दी जा रही है। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अरूण पाण्डे ने बताया कि कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के पहल से बच्चों को कुपोषण से दूर करने के लिए चार परियोजना मनोरा, आस्ता, सन्ना, बगीचा के 232 आंगनबाड़ी केन्द्रों में अंडा वितरण की शुरूआत की गई है। जिले में अभियान चला करके लगभग 600 कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया गया है।इसके साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रो में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। और बच्चों के बौद्धिक क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। और उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसका सार्थक परिणाम भी देखने को मिल रहा है।

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