लौह नगरी में बंटी नामक यह व्यक्ति लगभग 40 वर्षो से रह कर मांग खाकर अपना जीवन जी रहा था परन्तु विगत 10 दिन से जब मार्केट रहने वाला बंटी नामक यह व्यक्ति जब मार्केट में दिखना बंद हुआ तो फ़िरोज़ नवाब राजेन्द्र छोटू जैसे अन्य समाजसेवी इसका खोजबीन प्रारंभ किया इसी बीच वार्ड क्रमांक एक की महिला सरस्वती देवी द्वारा फ़िरोज़ नवाब को खबर मिला कि ये बंटी बचेली और भांसी के बीच जंगल मे पड़ा हुआ है और बेहद कमजोर हो गया है उससे पूछने पर बताया कि जंगल मे छोटा मोटा जलाऊ लकड़ी लेने जाने द्वारा उसे खबर लगा
पास में छोटा बस्ती जोगापारा का मासोराम मंडावी और सुनील गावडे नामक ग्रामीण एक दो दिन से जंगल में खाना दिये थे परंतु उसे उस जगह से वापस लाने में असमर्थ हो रहे थे
फिर यह रेस्क्यू फ़िरोज़ नवाब किया बस्ती जोगापारा का सूरज नाम का लड़का का साथ मिला फिर उस बंटी को जंगल के अंदर से लगभग 3 किलोमीटर दूर पहाड़ से उतार कर लाया गया
समाजसेवी फ़िरोज़ नवाब का कहना था कि जोगापारा का सूरज नामक यह लड़का हमारे लिए देवदूत की तरह और इस रेस्क्यू पूरा हो पाया अगर सूरज नही होता तो उस बंटी तक पहुच पाना असंभव था उस बालक के साथ मिलकर बहुत मुश्किल से उस बंटी को पहाड़ से उतार लाना
और अपोलो में भर्ती कर उसका प्राथमिक जांच कर ग्लुकोस चढ़ाया जा रहा है
