वन विभाग की बड़ी कार्यवाही …..
तिल्दा वन विभाग की बड़ी कार्यवाही वन अमला जो की सर्तरता पूर्वक अवैध रुप से लकड़ी के व्यवसाय करने वाले दलालो पर अपनी पैनी नजर बनाये हुये है। जो की ग्रामीण ऐरीया से छोटे बड़े किशानों से औने पौने दामों मे वृक्षों की खरीदी कर दलालों द्वारा अंंचलो व नगर में अपनी पेठ जमा ली है।मोटी रकम के लालच में ईट भठठे के अलावा कई जगहो पर अपना कस्टमर बनाया है।जिसे समय समय पर सम्पर्क करके ईमारती लकड़ीयो को बेचा जाता है। लकड़ी दलालों के होसले इतने बुलंद हो गये है। की वन विभाग के अधिकारी के नाक के निचे से अपनी मालवाह माजदा, ट्रक गाडियों से ईमारती लकड़ीयो के मोटे मोटे गोले को पाल की सहायता से अच्छी तरह ढ़ककर ले जाने के बाद भी कामयाब नही हो पा रहे है। क्यो की वन विभाग के सिधंम कहे जाने वाले डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी की नजरो से बचकर कोई नही जा सकता है। तिल्दा नेवरा में पदस्त होते ही ऐक्सन मोड़ में आते ही अवैध रूप से संचालित आरा मशीन, ईमारती लकडीयो की तस्करी, अवैध रूप से संचालित कोयला भट्ठी को उनके टीम द्वारा छापा मार कार्यवाही शुरु कर सिल भी किया गया है। उसके अलावा अपने टीम के कर्मचरीयों को बहुत ज्यादा ऐक्टीव भी किया है।

जिनके कारण उनके कर्मचारीयों भी दिन हो या रात अपने साहब के साथ डियुटी पर डटे रहते है। जो की अवैध रूप से लकड़ी तस्करी करने वाले दलालो के पसीने भी छुटने लगे है। उसी तारम्य से फिर से छापामार कार्य वाही शुरू हो गयी है। जो की लगातार सफलता मिल रही है।
दीपक तिवारी जी से बात करने पर बताया गया की वन विभाग की सबसे बड़ी कार्यवाही की गई लगभग चार लॉख की ईमारती लकड़ी पकड़े है

जो की आज शुक्रवार रात्रि में दिनांक 27.05.2022 को CCF रायपुर जे आर. नायक साहब DF0 रायपुर विश्वेश कुमार साहब, SD0 रायपुर व्ही. एन. मुखर्जी साहब एवं R0 एस. एल बंजारे साहब जी के निर्देशन में RA तिल्दा दीपक तिवारी सर जी के नेतृत्व में वसीम कासिफ वन रक्षक ,रमेश पाल,पुनीत धीवर वन चौकीदार ,यशपाल शर्मा,दुष्यतं गिरी गोस्वामी ,सनत कुमार ,हर्ष भारती,वाहन चालक रामेश्वर साहू एवं वन स्टॉफ तिल्दा के द्वारा NH रायपुर से बिलासपुर मार्ग पर जिओ पेट्रोल पंप के पास एक मेटाडोर क्रमांक CG10R0244 गीला अर्जुन लकड़ी का लट्ठा से भी हुई एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धरसींवा के पास एक ट्रक क्रमांक CG04JD3285 गीला अर्जुन लकड़ी का लट्ठा से भरी हुई लकड़ी का अवैध रूप परिवहन कर रहे गाडियो का मौका से जप्तीनामा बनाकर गाड़ियों को काष्ठागार धरसींवा लाया गया