तिल्दा-नेवरा(छ.ग)-रसदा के पूर्व सरपंच स्वर्गीय राजेंद्र वर्मा राजू –की स्मृति में श्रीमद भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं वार्षिक श्राद्ध का प्रारम्भ शनिवार दिनांक 14 मई से होने जा रहा है जिसमे किरना वाले पंडित कृष्ण भूषण शर्मा कथा का वाचन करेंगे पंडित कृष्ण भूषण शर्मा ने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है तब ऐसा अनुष्ठान शुरू होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाता है। कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। भागवत महापुराण उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आ रही है। इसीलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का बखान किया। कहा कि सबसे पहले सुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाया था। उन्हें सात दिन के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु होने का श्राप मिला था। कथा अमृत का पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है।
