शिवरीनारायण– धर्म, आस्था और आध्यात्म की पावन नगरीय तीर्थ धाम शिवरीनारायण मे देवी देवताओं की अनेको मंदिर है लेकिन नगर के मुख्य मंदिर श्री शिवरीनारायण भगवान मंदिर श्रद्धालुओ की आस्था का केंद्र बिंदु है मुख्य मंदिर के गर्भगृह मे जमीन से निकली हुई स्वयंभू श्री शिवरीनारायण भगवान जी विराजमान है भगवान श्री के श्री चरणों मे अनादिकाल से गंगा जल प्रवाहित हो रहा है जिसे रोहणी कुंड कहा जाता है इस कुंड का जल कभी भी घटता बढ़ता नहीं है और ना ही कभी गंदा होता है समस्त विकारो के निदान के लिए रोहणी कुंड का जल लाभप्रद माना जाता है भगवान जगन्नाथ स्वामी जी का मूल स्थान शिवरीनारायण के मुख्य मंदिर को माना जाता है इसी मंदिर के गर्भगृह से भगवान जगन्नाथ जी के तीनो विग्रह को उड़ीसा के राजा द्वारा उड़ीसा के जगन्नाथपुरी ले जाया गया है और पुरी के जगन्नाथ मंदिर मे स्थापित किया गया है धार्मिक मान्यता है माघ पूर्णिमा को एक दिन के लिए भगवान जगन्नाथ स्वामी जी शिवरीनारायण के मुख्य मंदिर श्री शिवरीनारायण भगवान मंदिर मे विराजमान होते है और भक्तो को दर्शन देते है

श्री यंत्र से मंदिर का गर्भगृह सुशोभित है विशेष तंत्र शक्ति से बने हुए मंदिर मे सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पुरी होती है दूर दूर से श्रद्धालुओं की टोली अपने हाथो मे श्रीफल नारियल लेकर जमीन पर लोट मारते हुए मंदिर तक आते है और मंदिर का 7बार 11बार परिक्रमा करते है!
श्री शिवरीनारायण भगवान मंदिर के स्वर्ण कलश के पास भी श्री यंत्र बना हुआ है आज माघ पूर्णिमा के दिन आप सब भी दर्शन कर पुण्य लाभ उठावे श्री शिवरीनारायण भगवान की जय,जय शबरीनारायण,जय शबरीधाम, जय जगन्नाथ!!!