सक्ती- विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के दूरस्थ ग्राम रैनखोल में विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया और जनजागरूकता रैली निकाली गई। ज्ञात हो की सक्ती जिला अंतर्गत दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र रैनखोल तथा बरपाली सेक्टर, जर्वे सेक्टर में मलेरिया के रोगी मिलते रहे हैं,जिस कारण से कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना द्वारा विश्व मलेरिया दिवस आयोजन इन क्षेत्रों में जनजागरूकता तथा घर घर मलेरिया जांच हेतु चुना गया । विगत वर्ष में इन क्षेत्रों में 5 मरीज पाए गए थे। रैनखोल से मलेरिया जागरूकता रथ तथा रैली को हरीझंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना एवं विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सूरज सिंह राठौर, जिला मलेरिया अधिकारी, सहित विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर ने उपस्थित विद्यार्थियों के माध्यम से जनसमुदाय से मलेरिया डेंगू, चिकुनगुनिया, जीका बुखार फैलाने वाले मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए अपील की गई। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन काल में एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। साथ ही अपने बच्चों की तरह उसकी देखभाल करना चाहिए, जिससे कि विश्व तापमान में वृद्वि से बचा जा सके और स्वच्छ ऑक्सीजन या हवा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अपने घर परिवेश को स्वच्छ रखने से मच्छर जनित बीमारियों को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी तभी मलेरिया को खत्म करना संभव हो सकेगा। वही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सूरज सिंह राठौर द्वारा मलेरिया नियंत्रण के लिए सभी से सहयोग की यह अपेक्षा की गई, कि यदि हर व्यक्ति अपने घर में प्रति सप्ताह साफ पानी के बर्तनों/टंकी/कूलर आदि का पानी बदलता रहें और साफ पानी को ढंक कर रखे तब हम मलेरिया डेंगू , चिकुनगुनिया, जीका बुखार फैलाने वाले साफ पानी के मच्छरों को पैदा होने से आसानी से रोक सकते हैं और इन बीमारियों को नियंत्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि वास्तव में साफ पानी सभी के घरों में होता है। अतः साफ पानी के प्रबंधन में जनसहभागिता की अहम भूमिका हैं। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता हैं इसलिए बुखार आने पर स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर तत्काल निःशुल्क जांच कराएं और पूर्ण उपचार प्राप्त करें। इसके साथ ही सक्ती जिले के ग्राम रैनखोल की स्कूल प्रांगण में विश्व मलेरिया दिवस पर संदेशात्मक जन जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया

सक्ती कलेक्टर ने जिले में स्नेहित आनलाइन रिपोर्टिंग पोर्टल का किया विमोचन
सक्ती-कुपोषण मुक्त सक्ती जिला बनाने के लिए जिले में की गई अभिनव पहल “स्नेहित” के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। विगत 3 माह से संचालित इस कार्यक्रम के तहत शासकीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा चिन्हांकित किये गए कुपोषित बच्चों का जिम्मा लेकर उनको सुपोषित किया जा रहा है। वर्तमान तक लगभग 100 अधिकारियों द्वारा इस तरह से लगभग 200 बच्चों को गोद लिया गया। जिसमें से 65 बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने में सफलता मिली है,कुपोषण की इस व्यापक समस्या से लड़ने के लिए क्रमबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण केसकारात्मक परिणाम आने से प्रशासन ने इसका दायरा बढाते हुए जिले के लगभग 1000 अधिकारी, कर्मचारियों को “स्नेहित” कार्यक्रम से जोड़ा है। जिसके द्वारा लगभग 2000 कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम के बेहतर प्रबंधन एवं निगरानी के लिए “स्नेहित एप्प” का लांच सक्ती कलेक्टर नुपुर राशी पन्ना के द्वारा किया गया। एंड्राइड बेस्ड इस एप्प के माध्यम से कुपोषित बच्चों के विकास की सटीक जानकारी प्रशासन को प्राप्त होगी। जियो टैगिंग की मदद से किसी क्षेत्र विशेष में समस्या की गंभीरता का आंकलन किया जा सकेगा। इस अवसर पर कलेक्टर ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “ स्नेहित कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालना है बल्कि शासकीय तंत्र एवं आम जनता के बीच की दुरी को कम करना है। जब शासकीय अधिकारी बच्चों के घर स्वयं जाता है तो परिवार वालों के साथ सीधा संवाद स्थापित होता है और उनमें शासन प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ता है। “कलेक्टर ने गणमान्य नागरिक, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों से इस अभियान से जुड़ कर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। इस अवसर में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सूरज सिंह राठौर, कार्यक्रम नोडल अधिकारी तहसीलदार नजूल, डी पी एम , सक्ती बीएम्ओ उपस्थित रहे।