कोरबा। एसईसीएल दीपका खदान में हुई हैवी ब्लास्टिंग से एक ग्रामीण की मौत के मामले में सोमवार को क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला. घटना के विरोध में ग्रामीणों ने करीब 7 घंटे तक आंदोलन किया, जो देर रात करीब 11 बजे समाप्त हुआ. प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद मृतक के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने पर सहमति बनी.
बताया गया कि ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थर की चपेट में आने से रेकी गांव निवासी लखन पटेल की मौके पर ही मौत हो गई थी. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था.
कटघोरा एसडीएम रोहित सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को एसईसीएल की कलिंगा कंपनी में नौकरी देने पर सहमति बनी है, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कराया गया.