ग्राम पोंड़ी में स्वच्छता अभियान चरमराया हर तरफ गंदगी,कचरों का ढेर
ग्राम पंचायत पोंडी मे 01 नवंबर को पोंडी में 04 रिक्शो को आँचल महिला स्व साहयता समूह को महीने के हिसाब से भुगतान करने को लेकर महिला समूह को काम सौप दिया था।जिसके बाद लगातार महिला समूहों की स्वच्छता दीदियों ने कड़ी मेहनत करते हुए प्रत्येक सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को पोंडी में कचरे को साफ करने को अपने घर से सभी मुहल्ले गलियों में कचरा उठाने वाला रिक्शा लेकर जाती रही और कचरा उठाने का काम करते-करते पूरे 06 महीने बीत गए लेकिन स्वच्छता दीदियों को 01 रुपया का भी भुगतान नही किया गया है। स्वच्छता दीदियों ने नवंबर महीने से काम की शुरुवात की जिसके बाद लगातार 06 महीना कचरा उठाने का काम किया । इस बीच मुख्य त्यौहार भी पड़े उस समय भी स्वच्छता दीदियों को उनकी राशि भुगतान नही किया गया दीवाली निकल गया होली निकल लेकिन पंचायत की ओर से उनको भुगतान नही किया गया।स्वच्छता दीदियों को हर महीने पूरा होने पर 05 हजार देने की पंचायत के सरपंच और सचिव ने कही थी जो आज तक भुगतान नही हो पाया।
भुगतान नही होने पर छोड़ा काम
पूरे बोड़ला विकासखण्ड में ग्राम पंचायत पोंडी में बस तो महिला समूह की महिलाओं ने रिक्शा लेकर स्वच्छता अभियान चलाने को चाहा लेकिन उनकी मेहनत का भुगतान समय नही होने से उन्होंने छोड़ा काम।सरकार अनेक योजनाओ से महिलाओं को जीवन मे रोजगार देने का काम कर रही है लेकिन पंचायत के प्रतिनिधियों के द्वारा गरीब तबके के लोगो को महीनों काम कराने के बाद भी भुगतान नही किया ऐसे में स्वच्छता दीदियों को अपना काम बंद करना पड़ा।आँचल महिला स्व सहायता समूह में कुल 10 महिलाएं मिलकर स्वच्छता का बेड़ा उन्होंने ने उठाया था लेकिन इनकी मेहनत की राशि ही उनको नही मिली जिससे उन्होंने ने काम छोड़ दिया।
काम बंद होने से कबाड़ में तब्दील हुआ कचरा उठाने वाला रिक्शा
स्वच्छ भारत मिशन पोंडी में अपने अंतिम सांस गिनती हुई नजर आ रही है ।जिस रिक्शा को लेकर पोंडी में स्वच्छता अभियान के तहत कचरा उठाकर स्वच्छ बनाया जाना था अब वो खुद अपनी सांसे गिन रही है क्योंकि स्वच्छता दीदियों के काम बंद करने से रिक्शा में फिर जंग लग चुका है रिक्शा पार्ट्स खराब हो रहे है।तपती धूप, बरसात के पानी में खुले आसमान में खड़ा रहने से रिक्शा में जंग लगते जा रहा है जिससे पूरा कबाड़ में तब्दील होते जा रहा है।
कलेक्टर के पास शिकायत करने की बात कही
आँचल महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष नुरेशा ख़ातिन ने बताया कि उन्होंने लगातार हर महीने 05 हजार रुपये के भुगतान करने को लेकर 06 महीने काम किया जिसके बाद महिला समुहो की महिलाओं को 06 महीने तक भुगतान नही किया जिसके बाद हमने काम बंद कर दिया।आखिर 06 महीने काम करने के बाद भी अब तक भुगतान नही किया गया सरपंच और सचिव 03-04 महीनों से हमे भटका रहे है इस महीने आएगा उस महीने आएगा करके भटकाते रहे।लेकिन अब तक नही मिल पाया।अब अगर भुगतान नही होता कुछ दिनों में जल्द ही कलेक्टर सर के पास अपनी मांग को लेकर ज्ञापन सौपने पूरे आँचल महिला स्व सयाहता की 10 महिलाएं शिकायत करने जाएंगी।
स्वच्छता अभियान का मजाक उड़ाते सरपंच सचिव
यू तो शासन स्तर पर अनेकों स्वच्छता संदेश और योजनाएं चलाई जाती हैं और लोगों को साफ सफाई अभियान के बारे में अनेकों माध्यम से अवगत कराया जाता है ,लेकिन पोंड़ी के ग्रामीण तो इस महत्त्व को समझ गए लेकिन सरपंच सचिव शायद गंभीर नहीं है हर तरफ कचरों का ढेर है ,स्वच्छता दीदियों के माध्यम से लगातार 06 महीने पोंड़ी में गली गली घूमकर कचरा इकट्ठा करने का बेहतरीन काम किया गया लेकिन उनको बदले में कुछ भी नही मिला ,कुछ ही महीने में ग्राम में साफ सफाई व्यवस्था बेहतर हो गई थी ,लेकिन दुर्भाग्य ही कहे की सरपंच सचिव को यह अभियान रास नही आया और इसे बंद करा दिया गया ,अब बड़ा सवाल ये है की क्या साफ सफाई कागजों तक ही सीमित है ,महिलाओं को समूह के माध्यम से रोजगार देना भी कागजों तक रहेगा , स्वच्छता दीदियों को रोजगार मिल रहा था और पंचायत की साफ सफाई भी हो रही थी लेकिन उन्हें 06 महीने से भुगतान न होना कितनी गंभीर स्थिति है क्या योजनाएं सिर्फ वाहवाही बटोरने बनाई जाती है ये बड़ा सवाल है।
सरपंच से बात करने पर बोला
पूर्व मे स्वछता के लिए कार्ययोजना नही बना था इस वर्ष 22-23 मे महिला स्वछता समूह के लिए कार्ययोजना बन गया है वेडर के लिए खाता दे दिया गया है आचल महिला समूह को दो तीन दिन के अंतर्गत भुगतान राशि हो जायेगा नंद कुमार कुर्रे सरपंच प्रतिनिधिपूरे मामले में हमने बोड़ला मुख्य कार्यपालन अधिकारी केशव वर्मा से जानकारी पूछी,तो उन्होंने ने सरपंच से पूछकर पूरे मामले में जानकारी बताने को कहा, अगर भुगतान नही हुआ है तो भुगतान करवाने की भी बात कही ।