रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर राज्य सरकार ने आगामी योजनाओं का रोडमैप साझा किया है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल और विभागीय सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों और प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी दी।
चित्रकोट में बनेगी 25 करोड़ की टेंट सिटी
बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थल चित्रकोट को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। चित्रकोट के पास 25 करोड़ की लागत से टेंट सिटी विकसित करने की योजना है। इसे भारत सरकार की ‘वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ पहल के तहत भी प्रस्तावित किया गया है।
पर्यटन से स्थानीय युवाओं को जोड़ने के लिए 45 युवाओं को IITTM ग्वालियर से नि:शुल्क गाइड ट्रेनिंग दिलाई गई है। इनमें से 9 युवाओं को रिसॉर्ट और पर्यटन सूचना केंद्रों से जोड़ा गया है।
नवा रायपुर में 350 करोड़ की फिल्म सिटी
राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में 350 करोड़ की लागत से फिल्म सिटी का निर्माण जारी है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में बनने वाली फिल्मों को सब्सिडी देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय कलाकारों और तकनीकी क्षेत्र के लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना है।
85 लोगों का होमस्टे के लिए चयन
पर्यटन को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में होमस्टे पॉलिसी 2025-30 लागू की गई है। इसके तहत 7 जिलों के 85 लोगों का होमस्टे विकास के लिए चयन किया गया है। इससे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली से जुड़ने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए साधन विकसित होंगे।
राम वनगमन पर्यटन परिपथ में 31 स्थान चयनित
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अगले चरण में 31 स्थानों का चयन किया गया है। सरकार इन स्थलों के विकास के जरिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को विस्तार देने की तैयारी में है।
कलाकारों के संरक्षण पर भी जोर
पिछले ढाई वर्षों में कलाकार कल्याण कोष के तहत 70 कलाकारों को करीब 30 लाख रुपये की सहायता दी गई। लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना के तहत 87 कलाकारों को लगभग 19 लाख रुपये तथा वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक सहायता एवं पेंशन के रूप में 82 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।
पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के सम्मान में राज्य अलंकरण पुरस्कार की घोषणा भी की गई है।
सिरपुर को विश्व धरोहर बनाने की पहल
राज्य सरकार सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो तथा पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया जारी है। वहीं आरंग के रीवा के मुक्तिकागढ़ में पुरातात्विक उत्खनन के दौरान करीब 2,750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण मिलने की जानकारी दी गई है।
सरकार का फोकस पर्यटन स्थलों के विकास के साथ स्थानीय रोजगार, संस्कृति संरक्षण और छत्तीसगढ़ की विरासत को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाने पर है।