कोरबा। रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायत गुरमा में धनपुरी नाला पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य में नियम से परे सामान्य गिट्टी के बजाए नदी के ही बोल्डर पत्थर को डाला जा रहा है।
महात्मा गांधी राष्टह्मीय रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत पुलिया निर्माण में सरकारी प्राक्कलन के विपरीत काम हो रहा है। कायदे से निर्माण कार्य में तीन एमएम की गिट्टी का इस्तेमाल होना चाहिए, पर यहां मनरेगा के तकनीकी सहायक नदी-नालों में मिलने वाले पत्थर-बोल्डर से ही ढलाई करा रहे हैं।
ऐेसे में कांक्रीट स्ट्रक्चर की मजबूती कमजोर होगी और पुलिया के कभी भी उसके ढह जाने का खतरा बना रहेगा। इस क्षेत्र मेें सड़क निर्माण किया जा रहा है। मार्ग में नाला आने के कारण पुल की आवश्यकता है। इसे ही ध्यान में रखते हुए पुलिया का निर्माण किया जा रहा है।
गुणवत्ता को ताक पर रख किए जा रहे निर्माण से सरकारी धन का दुरूपयोग हो रहा है। इस मामले को उजागर करते हुए समाजसेवी बिहारीलाल सोनी ने बताया कि धनपुरी में बन रहे इस पुलिया के लिए दस लाख की लागत खर्च की जा रही है। सड़क के बीच जलभराव की स्थिति में आवागमन बाधित न हो, इसे ध्यान में रख मनरेगा के तहत तीन मीटर स्पॉन के इस पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। आम लोगों के लिए खासकर बारिश में आवागमन का माध्यम बहाल रहना जरूरी है, क्योंकि आम राहगीरों के अलावा एंबुलेंस आदि की आपात स्थिति के लिए मार्ग दुरुस्त होना जरूरी है। पर इस तरह पुलिया निर्माण में भ्रष्टाचार किया जा रहा, जो कभी भी धराशायी हो सकता है, जिससे एक बार फिर मुश्किलों में जीवन यापन करने वाले ग्रामीणों को ही परेशानी होगी।