बिलासपुर में डायरिया फैलने की वजह जानने के लिए सिम्स में होगा शोध

बिलासपुर। डायरिया का प्रकोप तालापारा, तारबाहर, विनोबा नगर, टिकरापारा और जरहाभाठा मिनी बस्ती तक सीमित नहीं है। शहर के अन्य क्षेत्र में भी इसके मरीज मिल रहे हैं। वहीं डायरिया फैलने की वास्तविक वजह जानने के लिए सिम्स प्रबंधन ने शोध करने का निर्णय लिया है, ताकि आने वाले समय में डायरिया फैलाने वाले सभी कारकों को खत्म किया जा सके।
सिम्स डीन डा. केके सहारे ने इसकी जिम्मेदारी माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट को दी है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि डायरिया के मरीज की बारीकी से जांच की जाए और उसका हर तरह का सैंपल लेकर जांच की जाए। इसके साथ ही टीम प्रभावित क्षेत्र का जायजा ले और वहां डायरिया फैलाने की वजह खोजने का प्रयास करे। इस दौरान खानपान और पानी आदि का सैंपल लिया जाएगा। इसका बारीकी से अध्ययन कर डायरिया फैलने की वजह का पता लगाकर उसके समाधान का उपाय भी बताया जाएगा। सिम्स यदि इस रिसर्च को जल्द से जल्द पूरा करता है तो डायरिया नियंत्रण तेज गति से हो पाएगी।
बनाई गई है दो टीम
शोध के लिए सीनियर व जूनियर डाक्टर की दो टीम बनाई गई है। इसमें अंतिम वर्ष के छात्रों को भी शामिल किया गया है। एक टीम मरीजों व प्रभावित क्षेत्र से मिले सैंपलों का जांच करेगी। दूसरी टीम मरीजों के उपचार व बीमार होने के कारणों का पता लगाएगी। इसके बाद निष्कर्ष के आधार पर डायरिया को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही वजह से राज्य शासन से अवगत कराया जाएगा। ताकि क्षेत्र में आवश्यक बदलाव भी कर भविष्य में बीमारियों फैलने की आशंका को कम किया जा सकेगा।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *