रायगढ़; नवम्बर 12, 2021: रायगढ़ एनर्जी जनरेशन लिमिटेड (आरईजीएल) के सौजन्य से अदाणी फाउंडेशन द्वारा स्व-सहायता समूहों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक में दिनांक 10 से 12 नवम्बर तक किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति (बिहान) के संयुक्त मार्गदर्शन में यह कार्यशाला ग्राम बुनगा, तपरदा और रनभाटा के सामुदायिक भवन में अलग-अलग आयोजित की गयी। इस कार्यशाला में 45 स्व-सहायता समूह के लेखापाल एवं अन्य सहयोगी सहित कुल 100 सदस्यों ने भाग लिया। कार्यशाला में पुस्तक एवं लेखा संधारण करने के उचित तरीकों और वित्तीय सूचनाओं के अंकन, वर्गीकरण एवं संक्षेपण से सम्बंधित गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत रनभाटा सरपंच ममता छत्तर, छाया ईश्वर एवं साइट हेड -सी.एस.आर पुर्णेन्दु कुमार के द्वारा किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य परिधीय गांवों के महिला स्व-सहायता समूहों में किये जा रहे वित्तीय लेन देन को प्रभावी रूप से लेखांकन की पुस्तकों में दर्ज करना और समूह के सदस्यों के बीच विश्वास को मजबूत करना है, जिससे सदस्यों के मध्य वित्तीय प्रबंधन के प्रति समझ विकसित हो सके। साथ ही व्यवस्थित लेखांकन के माध्यम से सभी समूहों को सामाजिक – आर्थिक तौर पर समृद्ध एवं स्वाबलंबी भी बनाया जा सके। इससे उन्हें भविष्य में सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं से वित्तीय सहायता प्राप्त होने में आसानी हो सकेगी।
प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षकों द्वारा स्व-सहायता समूहों के उपयोग किये जाने वाली पुस्तकों के प्रकार जैसे कार्यवाही पुस्तक, लेन-देन प्रपत्र, लेजर (ऋण, बचत पुस्तिका एवं साधारण खाता-बही), मासिक प्रतिवेदन तथा सदस्य पासबुक का व्यवस्थित लेखांकन, साधारण खाता-बही में आय-व्यय, दायित्व एवं सम्पति के उचित लेखांकन एवं संधारण के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गयी।
प्रशिक्षण में उपस्थित ग्राम रनभटा की नारी शक्ति स्व-सहायता समूह की लेखाधिकारी श्रीमती कल्याणी यादव ने बताया, “अदाणी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में वित्तीय प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी गयी है। इससे हमें समूह के विभिन्न वित्तीय कार्यों को करने में आसानी होगी। साथ ही हम इसका प्रबंधन भी उचित तरीके से कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण के लिए हम आरईजीएल प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हैं।”
वहीं, ग्राम तपरदा में स्थित महामाया महिला स्व-सहायता की लेखाधिकारी कनकलता रात्रे ने कहा, “इस कार्यशाला से मुझे वित्तीय प्रबंधन के नियमों को भलीभांति समझने में सहायता मिली है, जो कि मुझे मेरे समूह के रोजमर्रा के लेखा-जोखा के कार्यों में सहायक साबित होगी।”
इधर, ग्राम बुनगा की संतोषी स्व-सहायता समूह की लेखाधिकारी बोधकुवर मैत्री ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक और उचित मार्गदर्शन वाला बताया।
कार्यशाला में प्रशिक्षकों के द्वारा समूहों के लिए नियमित अन्तराल पर अभ्यास सत्र का भी आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में आरईजीएल की ओर से विवेक पाण्डेय, परमेश्वर गुप्ता, नीलेश महाना एवं गणमान्य ग्रामवासी उपस्थित थे।