सक्ती- संघे शक्ति कलियुगे…इस ध्येय के साथ विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना काल से ही हिंदू धर्म के रक्षार्थ शस्त्र धारण करने के साथ पूजन करने की परंपरा का निर्वहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करते आ रहा है, यह बात विभाग प्रचारक योगेश्वर साहू ने सरस्वती शिशु मंदिर,सक्ती में आयोजित विजयादशमी उत्सव के अवसर पर मुख्य वक्ता के रुप में कही, इस अवसर पर नगर शाखा के स्वयं सेवकों के दंड व आयुध प्रदर्शन के साथ ही उपस्थित लोगों के द्वारा परंपरागत रुप से विविध शस्त्रों का पूजन भी किया गया, उक्त जानकारी देते हुए शिशु मंदिर के व्यवस्थापक अधिवक्ता चितरंजय सिंह पटेल ने बताया कि विजयादशमी उत्सव में अभ्यागत के रूप में मुख्य रुप से ईश्वर चंद देवांगन अधिवक्ता, प्रीतम सिंह गबेल, लक्ष्मी सोनी, नंदकिशोर तंबोली, धनंजय नामदेव, संजय रामचंद, श्याम राठौर, ओमप्रकाश राठौर, दीपक गुप्ता, चेतन साहू के साथ विनोद यादव, गौरीशंकर राठौर, बजरंग अग्रवाल, अमरदास, चिरंजीवी, रविंद्र थवाईत आदि संघ के दायित्ववान स्वयं सेवक की गरिमामय उपस्थिति रही,विजयादशमी पर संघ परिवार की ओर से आग्रह किया गया कि वर्तमान समय में संघ की गतिविधियों में शामिल होकर सकारात्मक प्रयास से ही सामाजिक सद्भाव को कायम रखा जा सकता है, क्योंकि संघ ही वह एकमात्र राष्ट्रवादी संगठन है जो कठिन परिस्थितियों में हिंदूत्व व वसुधैव कुटुम्बकम की स्वस्थ परंपरा को कायम रख कर समाज में अमन चैन बनाए रखने में कामयाब है

