रायपुर। तीन वर्ष पूर्व एक युवक की हत्या करने के आरोप में कोर्ट ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी आंबेडकर अस्पताल के गार्ड हैं। आरोपियों ने युवक को चोर समझकर अधमरा होते तक पिटाई करने के बाद अस्पताल में भर्ती करा दिया था। जहां उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई थी।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पंकज सिन्हा की कोर्ट में हुई है। अतिरिक्त लोक अभियोजक पूजा मोहिते के अनुसार, कोर्ट ने रोहित कुमार कुशवाहा की हत्या के आरोप में सुभाषचंद्र यादव, भूपेंद्र मिश्रा, त्रिलोकी साहू, जयनारायण सिंह तथा योगेंद्र मिश्रा को कैद की सजा सुनाई है। सभी मध्यप्रदेश तथा उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं।
पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश केस डायरी के मुताबिक रोहित आंबेडकर अस्पताल के पास फिजोयोथैरेपी कॉलेज के पास घूम रहा था। गार्डों ने उसे पकड़ लिया। रोहित अपनी बेगुनाही की दुहाई देता रहा, लेकिन गार्डों ने उसे रस्सी से बाँधकर डंडों और लातों से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके शरीर के अंदरूनी अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उसी अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद हालत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां रोहित की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि रोहित काम की तलाश में रायपुर आया था। पिछले कई दिनों से काम नहीं मिलने की वजह से वह भूखा-प्यासा भटक रहा था। सुरक्षा कर्मियों ने रोहित से बगैर पूछताछ किए उसके साथ मारपीट की। रोहित की मौत के बाद आरोपी सुरक्षाकर्मियों ने खुद थाने में सूचना दी थी। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान कर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।