नगर पंचायत के कांट्रेक्टर दिवाकर यादव द्वारा नगर पंचायत अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि के आग्रह पर करवाई गई लाइटों की मरम्मत
सक्ति-7 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहे नवरात्रि पर्व को लेकर जहां जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा विकासखंड के अंतर्गत नगर पंचायत अड़भार के सुप्रसिद्ध मां अष्टभुजी देवी के मंदिर परिसर में इन दिनों नवरात्र पर्व की तैयारियां जोरों से चल रही है, तथा नवरात्रि को लेकर जहां मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलन हेतु प्रबंधन समिति द्वारा भक्तजनों से आग्रह किया जा रहा है, तो वही नगर पंचायत अड़भार के निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि दिवाकर यादव द्वारा भी मां अष्टभुजी देवी मंदिर में पूर्व में लगवाई गई स्ट्रीट लाइटों की पुनः मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, तथा नगर पंचायत अड़भार की अध्यक्ष चंद्रप्रभा गर्ग एवं विधायक प्रतिनिधि ज्योतिष गर्ग के आग्रह पर दिवाकर यादव ने परिसर के अंदर लगी हुई समस्त स्ट्रीट लाइटों को सुधरवाने हेतु एक सकारात्मक पहल की है,जिस पर नागरिकों ने उनका आभार व्यक्त किया है, तथा समय-समय पर मां अष्टभुजी मंदिर अड़भार में भी जन सहयोग से या कि नगर पंचायत द्वारा एवं अन्य लोगों द्वारा भी यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाता है, जिससे मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु भक्तजनों को रात्रि के समय भी दर्शन की समुचित सुविधा प्राप्त होती है, तथा इस दिशा में नगर पंचायत अड़भार भी मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्र में नवरात्रि पर्व को लेकर स्वच्छता की दृष्टि से भी एक विशेष अभियान चला रही है, तथा नगर पंचायत अड़भार ने भी लोगों से आग्रह किया है कि नवरात्रि पर्व पर हम सभी अपने शहर को तथा अपने शहर में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भक्तजनों को साफ-सुथरे शहर का संदेश दे सके, इस दिशा में सकारात्मक पहल करें तथा अपने घरों के सामने साफ- सुथरा रखें एवं कचरे को निर्धारित स्थल पर ही फेंके
नगर पंचायत की अध्यक्ष चंद्रप्रभा गर्ग एवं विधायक प्रतिनिधि ज्योतिष गर्ग ने कहा कि नवरात्रि पर्व पर अड़भार की मां अष्टभुजी देवी की कृपा हम सभी पर एवं पूरे देशवासियों पर बनी रहें,तथा मां अष्टभुजी की पूजा- अर्चना का कार्य पूरे 9 दिनों तक वृहत रूप से होता है, तथा हम सभी इस नवरात्रि पर्व को वर्तमान कोविड-19 की विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए पूरे धार्मिक वातावरण में अपने आप को सुरक्षित रखकर संपन्न कराएं*
ज्ञात हो कि अड़भार की मां अष्टभुजी देवी का मंदिर परिसर पुरातत्व विभाग द्वारा अपने प्रबंधन में लिया हुआ है, तथा प्राचीन काल के यहां मौजूद पत्थर एवं अन्य चीजों को पुरातत्व विभाग द्वारा संधारण किया जाता है, तथा पूरे छत्तीसगढ़ सहित देश भर में मां अष्टभुजी देवी की प्रसिद्धि फैली हुई है, एवं अष्टभुजी देवी मां की प्रसिद्धि से जुड़ी अनेकों किताबें भी समय-समय पर साहित्यकारों द्वारा प्रकाशित की जा चुकी है, जिसमें माता रानी की कृपा एवं उनकी शक्ति का एहसास पढ़ने को मिलता है