छः माह के मासूम के श्वास नली मे फंसा पेंसिल का छिलका, श्रीबालाजी हॉस्पिटल में हुआ सफल आपरेशन

श्री बालाजी हॉस्पिटल मोवा, रायपुर में छः माह के बच्चे के श्वसन नली मे फंसे पेंसिल के छिलके का सफल आपरेशन कर छिलके को निकाल दिया गया

बच्चे ने खेल-खेल मे पेंसिल के छिलके को निगल लिया
रायपुर | धमतरी के नगरी की रहने वाले एक मासूम ने खेल-खेल में पेंसिल का छिलका निगल लिया. ये छिलका मासूम के स्वास नली में जाकर फंस गया. आनन-फानन में परिजनों से छिलके का कुछ हिस्सा से मासूम के मुंह से निकाल दिया था, लेकिन एक बड़ा हिस्सा वहां फंसे रह गया | इस मासूम का सफल ऑपरेशन मोवा के श्री बालाजी हॉस्पिटल में नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. दिग्विजय सिंह ने किया |
डॉ. दिग्विजय सिंह ने बताया कि बच्चे की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अभिभावको ने बालाजी हॉस्पिटल पहुंचे| यहां डॉक्टरों ने मासूम को तत्काल भर्ती किया और सारे जाँच उपरांत बच्चे की ब्रोंकोस्कॉपी कर श्वास नली की जांच करने का निर्णय लिया गया |बच्चे को बेहोश कर ब्रोंकोस्कॉपी जांच डॉ सतीश राठी और डॉ दिग्विजय सिंह द्वारा किया गया | इस जांच में पेंसिल का छिलका दाएं तरफ की श्वास नली में फंसा हुआ दिखा, जिसे की सफलता पूर्वक निकाल दिया गया|

 

ऑपरेशन उपरांत बच्चा शिशु रोग विभाग के गहन चिकित्सा वार्ड में रखा गया है, बच्चे की श्वांस में आवाज आने की तकलीफ पूरी तरह ठीक है और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है | इस आपरेशन मे नाक कान गला विभाग से डॉ. नंदिनी गुप्ता और डॉ. सुमति गोयल का योगदान रहा। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मनीष नाग, डॉ. हेमाली दोषी और डॉ. रीमा वाधवा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आपरेशन पूर्व जांच और शिशु गहन चिकित्सा वार्ड मे बच्चे की देखरेख शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बद्री नारायण राव और टीम द्वारा की जा रही है|

माता-पिता रखे मासूम का ध्यान
डॉ. दिग्विजय सिंह ने बताया कि सभी माता पिता और परिवार जन इस बात का हमेशा ख्याल रखें की छोटे बच्चों का आसपास कोई भी छोटे वस्तुयें जैसे सिक्का, बैटरी, बटन, बीज, थर्मोकोल जैसी चीज ना हो. बच्चे यदि इसे खा ले या फिर श्वास नली में चला जाए तो ये बच्चे के लिए घातक हो सकता है.

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