सारंगढ़ बिलाईगढ़। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामूहिक दवा सेवन अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान के तहत दी जाने वाली IDA दवा (Ivermectin, Diethylcarbamazine और Albendazole) पूरी तरह सुरक्षित है तथा WHO द्वारा अनुमोदित है। हाल ही में जिले के ग्राम छर्रा निवासी की मौत प्रकरण में सीएमएचओ की ओर से जानकारी मिली कि, मौत की जांच के लिए विसरा को रायपुर भेजा गया है। मरीज को सीने में दर्द और पसीना आना हार्ट अटैक के लक्षण थे, जो चिकित्सकीय जांच में सिद्ध हुआ। चिकित्सकीय स्पष्टीकरण में मरीज के लक्षण, सीने में तेज दर्द और अत्यधिक पसीना हार्ट अटैक के स्पष्ट संकेत हैं, न कि IDA दवा के।
सभी नागरिक, ऐसी भ्रांतियों व अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि ये अभियान की सफलता को प्रभावित करती हैं। फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु IDA दवा का सेवन नाश्ता या खाना खाने के पश्चात ही अनिवार्य व सुरक्षित है। सभी को निर्धारित तिथि पर दवा ग्रहण करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्ण निगरानी में दवा वितरण किया जा रहा है।
किनको नहीं खिलाना है फाइलेरिया की दवा स्कूल, आंगनबाड़ी, क्लिनिक, हॉस्पिटल में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन अभियान में घर घर आकर दवा देने पर भी फाइलेरिया की दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे (जन्म से 2 वर्ष), गर्भवती महिला एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को नहीं खिलाना चाहिए, इससे इन लोगों को नुकसान हो सकता है।