दुर्ग। धान की आवक बढ़ने के साथ ही खरीद केंद्रों में धान जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इससे निपटने प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। इस कड़ी में खरीद केंद्रों से धान का उठाव निजी परिवहनकर्ताओं के माध्यम से भी कराया जा रहा है। अब तक परिवहनकर्ताओं ने केंद्रों से 160 मिट्रिक टन धान का उठाव कर लिया है। धान का भंडारण संग्रहण केंद्रों में किया जा रहा है।
जिले के 94 खरीद केंद्रों में एक दिसंबर से धान खरीदी शुरू हुई है। अब तक करीब एक लाख 85 हजार मिट्रिक टन धान खरीदी हो चुकी है। प्रशासन द्वारा खरीदी शुरू होने की तीसरे दिन से ही केंद्रों से राइस मिलरों के माध्यम से धान का उठाव कराया जा रहा है। लेकिन केंद्रों में धान की आवक के अनुरूप उठाव नहीं होने से जाम की स्थिति निर्मित हो रही थी। जिले के लगभग 90 फीसद केंद्रों में बफर लिमिट से अधिक मात्रा में धान खरीदी कर रखा गया है। धान का नियमित उठाव नहीं से केंद्रों में खरीदी प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा केंद्रों से धान उठाव के लिए निजी परिवहनकर्ताओं को ठेका दिया गया है। परिवहनकर्ताओं ने करीब 160 मिट्रिक टन धान का उठाव कर लिया है। परिवहनकर्ताओं द्वारा उठाए गए धान का भंडारण जिले के संग्रहण केंद्रों में किया जा रहा है। जिले में पांच संग्रहण केंद्र है। जहां दुर्ग के अलावा बेमेतरा जिले के धान का भी भंडारण किया जाता है। परिवहनकर्ता फिलहाल 2000 हजार मिट्रिक टन धान का उठाव के लिए अनुबंध किया है। मार्कफेड द्वारा इनका डीओ भी काटा जा चुका है। आने वाले दिनों में धान उठाव में और तेजी आने की उम्मीद है। इस संबंध में सीपी दीपांकर खाद्य नियंत्रक दुर्ग ने कहा कि निजी परिवहनक्ताओं ने खरीद केंद्रों से धान का उठाव शुरू कर दिया है। परिवहन कर्ताओं द्वारा उठाए गए धान का भंडारण संग्रहण केंद्रों में किया जा रहा है। अब तक राइस मिलरों से ही धान का उठाव करवाया जा रहा था।