शिवरीनारायण- महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना एवं अभिषेक का विशेष महत्व रहता है इस दिन शैव भक्त प्रसिध्द शिवालयों में पहुंच कर शिवलिंग की विधि विधान से पूजा अर्चना और अभिषेक करते हैं। जांजगीर चाम्पा जिला के खरौद नगर में सवा लाख छिद्र वाला एक अव्दितीय शिवलिंग है , कहा जाता है कि इस शिव लिंग की स्थापना बनवास काल के दौरान प्रभु श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण ने किया था इसीलिए इस शिवलिंग को लक्ष्मणेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है श्रध्दालुओं में ऐसी आस्था और मान्यता है कि लक्ष्मणेश्वर महादेव के केवल जलाभिषेक और दर्शन मात्र से ही भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं इसलिए यहां हर वर्ष महाशवरात्रि पर्व पर हजारो श्रध्दातु लक्ष्मणेश्वर महादेव में जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख समृध्दि की कामना करते हैं इस वर्ष भी लक्ष्मणेश्वर महादेव की जलाभिषेक करने श्रध्दालुओं का तांता लगा रहा सुबह चार बजे मंदिर का पट खुलते ही हर हर महादेव की जयघोष से मंदिर परिसर गुंजने लगा । जलाभिषेक के लिए मंदिर के सामने श्रध्दातुओं की लम्बी कतारें लगी हुई थी जो हाथ में जल की लोटा और पूजा की थाल तिए अपने बारी आने का इंतजार कर रहे थे जलाभिषेक का सिलसिला सुबह चार बजे से प्रारंभ हुआ था वह श्रध्दालुओं की भीड़ को देखते हुए देर रात तक चलने की संभावना है। बहुत से श्रध्दालुओं ने लक्ष्मणेश्वर महादेव की दुध , घी,शहद , बिलपत्री आदि से अभिषेक कर लाख चांवल की पोटरी भी अर्पण किया । नगर व क्षेत्र के कई धर्मानुरागी व्यक्तियों ने शिवभक्तों के लिए मंदिर मार्ग पर निशुल्क जलपान , फल व ठंड़ा पेय पदार्थ आदि का व्यवस्था किया था इसी तरह शिवरीनारायण , नवागढ़, देवरघटा ,परसाही आदि नगर व गांव के शिवालयों में जलाभिषेक करने वाले श्रध्दातुओं की भीड़ लगी हुई थी जो हर हर महादेव की जयघोष कर शिव जी की पूजा अर्चना कर रहे थे ।

