एनएमडीसी ने 80वें स्कॉच अवार्ड समारोह में जीते स्वर्ण व रजत पुरुस्कार

एनएमडीसी ने एक ओर लौह अयस्क उत्पादन तो दूसरी ओर अपने सामाजिक दायित्वों का पालन करते हुए कई महत्वपूर्ण सी.एस.आर गतिविधियों के द्वारा सामाजिक उत्थान हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विदित हो कि एनएमडीसी को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ही नहीं बल्कि निजी क्षेत्र के उपक्रमों में भी अपने उत्कृष्ट सी.एस.आर कार्यों हेतु जाना व पहचाना जाता है| उत्कृष्ट सी.एस.आर हेतु एनएमडीसी को राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इसी कड़ी में सीएसआर अंतर्गत संचालित आईटीआई भांसी के माध्यम से दंतेवाड़ा जिले में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने हेतु स्कॉच अवार्ड्स में गोल्ड पुरुस्कार जीता व निरंतर डिज़िटाइज़ेशन के लिए प्रोजक्ट कल्पतरु को रजत पुरुस्कार प्राप्त हुआ।भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी को स्कॉच, नई दिल्ली द्वारा 9 अप्रैल 2022 को आयोजित 80वें स्कॉच अवार्ड सम्मेलन में एक स्वर्ण तथा एक रजत पुरस्कार प्राप्त हुआ है। स्कॉच सम्मेलन की थीम “स्टेट ऑफ़ बीएफएसआई एंड पीएसयू” थी। एनएमडीसी ने सामाजिक दायित्व वर्ग में “एनएमडीसी आईटीआई भांसी के माध्यम से दंतेवाड़ा जिले में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने” हेतु स्वर्ण पुरस्कार तथा डिजिटल समावेशन वर्ग में ईआरपी कार्यान्वयन हेतु “प्रोजेक्ट कल्पतरू” के लिए रजत पुरस्कार जीता है। ये अवार्ड एनएमडीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सुमित देब की ओर से  अमिताभ मुखर्जी, निदेशक (वित्त) ने विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से स्वीकार किए।


स्कॉच अवार्ड्स की प्रक्रिया ऑनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से प्रारंभ हुए थी जिसमें प्रेजेंटेशन, वोटिंग, शॉर्टलिस्टिंग, सेमि फाइनल वोटिंग, और आर्डर ऑफ़ मेरिट शामिल थे। प्रेजेंटेशन के दौरान व अंत में डेलीगेट्स द्वारा ऑनलाइन वोटिंग की गई थी जिसके परिणाम के आधार पर सेमि फाइनल के लिए शार्ट लिस्टिंग हुई और फाइनल वोटिंग के आधार से आर्डर ऑफ़ मेरिट निकाली गयी थी। इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए एनएमडीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंधक निदेशक सुमित देब ने कहा कि, ‘मैं स्कॉच अवार्ड्स का धन्यवाद देना चाहता हूँ कि उन्होंने एनएमडीसी के प्रयासों को पहचाना जिसने देश के विकास में सहयोग प्रदान करते हुए दंतेवाड़ा जिले के नवयुवकों को कौशल विकास व प्रशिक्षण के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाला है तथा उत्पादन तकनिकी को डिज़िटाइज़ेशन की प्रक्रिया बेहतरीन बनाया है।‘

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