प्रयोग आश्रम तिल्दा जिला रायपुर छत्तीसगढ़ में
चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है इस आयोजन का उद्देश्य समाज की आवश्यकता के अनुरूप बदलते प्रतिमान एवं मूल्यों को लेकर एनएसएस की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए नियमों में कुछ बदलाव और कुछ नवाचार को जोड़ने पर विचार किया जा रहा है l इस शिविर में पुरस्कार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न आयाम के बारे में चर्चा की गई l
डॉ समरेंद्र सिंह द्वारा कार्यक्रम अधिकारियों के चयन तथा उनके द्वारा कर्तव्य निर्वहन के विषय में चर्चा की गई l राष्ट्रीय सेवा योजना में निस्वार्थ भाव से किस प्रकार सेवा की जा सकती है इस पर भी चर्चा की गई l मनुष्य अध्यात्म की ओर कैसे आकृष्ट होता है और एक निश्चित समय पश्चात उन्हें ज्ञान की प्राप्ति किस प्रकार से होती है इस पर भी चिंतन किया गया l
सुपर 70 प्रतिभागियों की उपस्थिति में में संपन्न किया जा रहा है। चिंतन शिविर में उपस्थित कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों के द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए, स्वयंसेवकों ने बताया कि किस प्रकार उन्हें अपने आपको जानने का अवसर इस शिविर के माध्यम से प्राप्त हुआ l इस चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ के संस्कृति के बारे में जानने के उद्देश्य से एक साथ भी उसी मोबाइल कैंप करने का प्रस्ताव भी सभी के समक्ष रखा गया उसके पश्चात चिंतन शिविर में उपस्थित समन्वयक जिला संगठक तथा कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवक स्वयं सेविकाओं को राज्य संपर्क अधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया l
प्रयोग आश्रम के सुंदर दीवारों पर भोजराम पटेल के द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के आदर्श वाक्य को अंकित किया गया इस चिंतन शिविर कार्यक्रम में एनएसएस राज्य संपर्क अधिकारी डॉ समरेंद्र सिंह, अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ मनोज सिन्हा, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ नीता बाजपेई, सरगुजा विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ अनिल सिन्हा, शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर समन्वयक दादू राम पटेल, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ.आर.पी अग्रवाल, शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. सुशील कुमार इक्का, स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय समन्वयक ,अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर जिला संगठन डॉ संजय कुमार तिवारी कोरबा जिला संगठक डॉक्टर योगेंद्र कुमार तिवारी रायगढ़ जिला संगठन भोजराम पटेल
कार्यक्रम अधिकारी ऑफिसर यूपेश कुमार, प्रोफेसर संस्कृति शास्त्री, प्रोफेसर मोना केवट, चितरंजन राठिया, शनि देव, दीपाली, आयुषी एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के चयनित जिला संगठक, कार्यक्रम अधिकारी तथा उत्कृष्ट स्वयंसेवक स्वयंसेविका सम्मिलित हुए l