रायपुर जंगल सफारी की शेरनी भेजी गई मैसूर, वहां से लाया जाएगा जंगली कुत्ता

रायपुर। रायपुर जंगल सफारी में अपनी दहाड़ से लोगों को आकर्षित करने वाली प्रियंका शेरनी की दहाड़ अब मैसूर स्थित तानाजी नेशनल पार्क में सुनाई देगी। प्रियंका अब अपने साथियों से अलग हो गई। शुक्रवार को जंगल सफारी प्रबंधन ने उसे मैसूर के लिए रवाना कर दिया।
इसके बदले में जंगल सफारी प्रबंधन तानाजी नेशनल पार्क से जंगली कुत्ता लाएगा। जंगली कुत्ता लाने के लिए प्रबंधन ने तैयारी पूरी कर ली है। सफारी प्रबंधन इसके पहले बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी रायल बंगाल टाइगर का जोड़ा शिवाजी और रागिनी को भेजा था। सफारी प्रबंधन का कहना है कि जंगल सफारी में जंगली कुत्ता लाना था। नेशनल जू एथार्टी की अनुमति के बाद मैसूर से ला रहे हैं। इसके बदले हम शेरनी दे रहे हैं।
गौरतलब है कि जंगल सफारी रायपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर नई राजधानी में बना एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल है। 800 एकड़ में फैले जंगल सफारी में जानवरों को खुले में विचरण करते पर्यटक आसानी से देख सकते हैं। इस जंगल सफारी की शुरुआत छह नवंबर, 2016 को हुई है। यहां नौ रायल बंगाल टाइगर हैं, जिनमें पांच नर और चार मादा टाइगर हैं। रायल बंगाल टाइगर विश्व में पाई जाने वाली बाघ की सात किस्मों में से एक है। जंगल सफारी में इनके घेरे के चारों तरफ 5.5 मीटर ऊंची चैनलिंग फेंसिंग की गई है। बाघ देखने के लिए 2.3 किमी लंबी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है।
जोड़े को अलग-अलग दिन निकालते हैं केज से
जंगल सफारी के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में रायल बंगाल टाइगर के दो जोड़े और लायन के दो जोड़े है, जिसमें बंगाल टाइगर का एक जोड़ा और लाइन का एक जोड़ा एक दिन में बाड़े से पर्यटकों के लिए निकाला जाता है।
फैक्ट फाइल
टाइगर- 9
भालू- 5
पैंथर-2
चीतल-113
काला हिरण-16
नील गाय-20
कोटरी-4
सांभर-6
मगरमच्छ-9
जानवरों की वेरायटी बढ़ाने की कवायद
जानवरों की वेरायटी बढाने के लिए जंगल सफारी से प्रियंका नामक शेरनी को मैसूर के तानाजी नेशनल पार्क में भेजा गया है। तानाजी नेशनल पार्क से शेरनी के बदले जंगली कुत्ता लाया जा रहा है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *