नींद हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। नींद ब्रेन फंक्शन के साथ मेटाबॉलिज्म, भूख का नियंत्रण, इम्यूनिटी, हार्मोनल और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम्स में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अच्छी नींद जिन बातों से निर्धारित होती है, उनमें टाइम, क्वॉलिटी और बिना डिस्टर्बेंस की नींद आना शामिल हैं। व्यस्कों में नींद की कमी का मतलब है रात को 7 से 8 घंटे की नींद न लेना। जिसकी वजह से दिन में बहुत ज्यादा नींद आती है, मूड चिड़चिड़ा व उदास रहता है और याददाश्त भी कमजोर होने लगती है।
कम समय तक नींद लेने से स्वास्थ्य पर कई विपरीत प्रभाव पड़ते हैं। इनमें नौकरी या स्कूल में खराब प्रदर्शन, प्रतिक्रिया क्षमता में कमी, दुर्घटनाओं का ज्यादा खतरा, मानसिक स्वास्थ्य में गड़बड़ी जैसे अवसाद; चिंता या दवाई का दुरुपयोग, लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां जैसे हाइपरटेंशन और कॉर्डियोवैस्कुलर रोग और गर्भावस्था की जटिलताएं आदि शामिल हैं। ये सभी मृत्यु के कारण बन सकते हैं।’
नींद न आने की समस्या आजकल बहुत आम हो चुकी है, जो ध्यान न देने पर और ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है। हाल में हुए अध्ययनों से पता चलता है कि व्यस्कों में से कम-से-कम 18 प्रतिशत लोग अपर्याप्त नींद के शिकार हैं। तो नींद की कमी से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है, इसके बारे में भी जान लें।
थकान
नींद में कमी से एक्टिव कॉग्निटिव प्रोसेस में गड़बड़ी पैदा हो जाती है। वो दिन भर थका हुआ फील करते हैं। कोई काम करने का दिल नहीं करता और न ही जो काम कर रहे होते हैं, उसे भी बहुत ज्यादा देर तक कर पाते हैं। दिन भर बस लेटे रहने का दिल करता है।
नींद में कमी का असर इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। वो कमजोर होने लगता है जिस वजह से शरीर संक्रामक बीमारियों का बहुत जल्द शिकार हो जाता है। तो अगर आप सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचे रहना चाहते हैं, तो पर्याप्त नींद लें।
जैसा कि ऊपर बताया गया है कि नींद की कमी कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है उन्हीं में से एक है हाई ब्लड शुगर लेवल। जो बहुत ही खराब और लाइफस्टाइल की गड़बड़ियों से होने वाली बीमारी है। जो लोग रात में देर तक जागते हैं या ठीक तरीके से सो नहीं पाते उनका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो सकता है।