बागेश्वर धाम सरकार की कथा हो और भक्त रसपान ना करें संभव नहीं- डा. एकता लंगेह

बैकुंठपुर – चिरमिरी गोदरीपारा लालबहादुर शास्त्री स्टेडियम में शुक्रवार को प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री का एक दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन हुआ, जिसमे लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सभा स्थल पहुंचकर कथा का श्रवण किया। बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित शास्त्री के हनुमंत कथा का एक दिन का ही आयोजन था कथा श्रवण कर लौटने के बाद डाक्टर एकता लंगेह ने बताया कि हमारा देश ऋषि मुनि तपस्वियों का देश है जहां आज भी ऐसे लोग हैं जिनकी ख्याति हमारे देश में नहीं विदेश में भी है जिनके मातृ सानिध्य और कथा श्रवण से ही व्यक्ति सत्संग के मार्ग पर चल रहे है।


कार्यक्रम को लेकर आयोजन समिति द्वारा एक सप्ताह से तैयारी की जा रही थी। विशाल पंडाल बनाया गया था। जिसमे लगभग 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था थी। लेकिन आयोजन समिति को ये अंदाजा नही था की बागेश्वर बाबा की कथा सुनने लाखों की संख्या में लोग पहुंच जाएंगे। हनुमंत कथा सुनने छत्तीसगढ़ के अलावा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिसा तक के श्रद्धालु पहुंचे थे लेकिन मैदान में बैठने की जगह ना होने के कारण हजारों लोगों को खड़े होकर ही कथा श्रवण करना पड़ा। धीरेंद्र शास्त्री का हैलीकाप्टर जैसे ही सभास्थल के हैलीपेड में पहुंचा तो लोगों ने जय श्री राम, जय हनुमान के नारों से उनका स्वागत किया। मंच संभालते ही उन्होंने चिरमिरी की जनता और कार्यक्रम में आए सभी श्रोताओं का अभिवादन किया। उसके बाद तो मानों सभी लोग उनकी बातों और गीतों में मंत्रमुग्ध हो गये। शाम पांच बजे तक चले कार्यक्रम में सभी लोग तालियां बजाते और झूमते नजर आये।

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