क्या रेलवे का निजीकरण करने जा रही मोदी सरकार ? रेल मंत्री ने संसद में दिया जवाब

नई दिल्ली: लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (2022-23) पर चर्चा करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दो टूक शब्दों में कहा है कि रेलवे का निजीकरण (Privatisation of Railways) नहीं किया जा रहा है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर की गई चर्चा का उत्तर दे रहे थे.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया कि सरकार रेलवे का निजीकरण करना चाह रही है. उन्होंने कहा कि, ‘ट्रैक किसका हैं- रेलवे के, पटरी किसकी- रेलवे की, स्टेशन किसके- रेलवे के, तार किसके- रेलवे के, इंजन किसके- रेलवे के, ट्रेन के कोच किसके- रेलवे के, सिगनलिंग सिस्टम किसका है- रेलवे का, यहां निजीकरण की बात ही कहां से उठती है. यह एकदम स्पष्ट है कि रेलवे के निजीकरण की कोई बात ही नहीं है.’

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कुछ सदस्यों ने कहा कि कुछ फ्रेट ट्रेनों का निजीकरण किया जा रहा है, जो बिलकुल भी सत्य नहीं है. भारत सरकार की नीति में रेलवे के लिए यह साफ़ लिखा हुआ है कि रेलवे एक स्ट्रैटिजिक सैक्टर है. इस सैक्टर के सामाजिक दायित्व हैं. साथ ही वाणिज्यिक दायित्व भी हैं, उन्हें देखते हुए रेलवे का निजीकरण किए जाने की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि रेलवे के निजीकरण का मुद्दा जो कुछ सदस्यों ने उठाया है, वह काल्पनिक है.

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