महिला अफसर के खिलाफ जांच शुरू, जाति प्रमाण पत्र को बताया जा रहा फर्जी

राजनांदगांव। जिले के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के उप संचालक कमला सिंह पर गंभीर आरोप लगे है। महिला अफसर पर अपनी वास्तविक जाति अजा के जगह अपनी जाति अजजा बताने का मामला प्रकाश में आया है । बिलासुपर पदस्थापना के दौरान उप संचालक के खिलाफ शिकायत की जांच वहां शुरू हो गई है। इस बड़े मामले को लेकर उप संचालक सहित कई बड़े अफसरों के नपने की नौबत आ सकती है। इस संबंध में कलेक्टर बिलासपुर के जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत कर जांच एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई। है।

शिकायतकर्ता पूजा कुशवाहा ने आरोपों की पुष्टि के लिए कमला सिंह के स्कूली दस्तावेज भी आरोप लगाया गया है कि कमला सिंह प्रस्तुत किए हैं। शिकायत में पिता तिरथराम, निवासी नवांगांव, तहसील कोटा, जिला बिलासपुर द्वारा वर्ष 2008 में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जनजाति गोड़ जाति का स्थायी प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया। शिकायत के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा द्वारा 5 फरवरी 2008 को जारी जाति प्रमाण पत्र संदेहास्पद है और इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उपलब्ध शैक्षणिक अभिलेखों में मला सिंह की जाति सतनामी दर्ज है, जिससे जाति परिवर्तन कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र लेने की आशंका मजबूत होती है। शिकायत में संलग्न दस्तावेजों के अनुसार कमला बाई पिता तिरथराम की प्राथमिक शिक्षा शासकीय कन्या प्राथमिक शाला मोगरा, तहसील कटघोरा में सत्र 1979-80 में हुई थी। विद्यालय के दाखिल-खारिज प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 1 जुलाई 1972 तथा जाति सतनामी दर्ज बताई गई है। संबंधित दस्तावेज का क्रमांक 337 दिनांक 5 जुलाई 1979 बताया गया है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *