नए यंग आईएफएस अधिकारियों को पोस्टिंग ना देके पुराने भ्रष्ट अधिकारियों को बड़े वनमंडल देने की तैयारी

छत्तीसगढ़ में पाँच-पाँच 2022 बैच के अधिकारियों को पोस्टिंग ना देके पुराने प्रमोटी आईएफएस को बड़े वनमंडल देने की तैयारी चल रही है।वर्तमान में लक्ष्मण सिंह ( गरियाबंद वनमंडल ), डी पी साहू ( भानुप्रतापपुर ) और पहारे ( पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल ) में पदस्थ है। ये सभी प्रमोटी के ऊपर बड़े-बड़े आरोप लगते रहे है।बावजूद इनको बड़े वनमंडल में पदस्थ रखा गया है और अब और बड़े वनमंडल देने की तैयारी है।

लक्ष्मण सिंह के ऊपर बलरामपुर वनमंडल में रहते हुए बड़े भ्रष्टाचार केस में लिप्त होना पाया गया है जिसमे कोर्ट के माध्यम से एक्टिविस्ट डी के सोनी ने परिवाद दायर कर के FIR भी करवाया।पूर्व में भी इनको सेवा से बर्खास्त किया गया था पर सुप्रीम कोर्ट जाके ये बच गए।  अभी भी इनके ऊपर एसीबी से कई बड़े जांच शासन स्तर पे लंबीत है।

इसके अलावा डी पी साहू के ऊपर आरोप है की वो जहाँ जहाँ वनमंडल जाते है वहाँ बड़े बड़े कांड करते है, जिसमे पूरा विभाग की बदनामी होती है। सूरजपुर में हाथी मृत्यु केस में लापरवाही में इनको सस्पेंड किया गया था। जगदलपुर में करोड़ो कैम्पा फण्ड को बिना स्वीकृति के चार्ज कर लिया गया था, जिसमें इनको वसूली का आदेश हुआ और वसूली भर के और ऊपर वालो को पैसे देके बच निकले। मोहला मानपुर में बिना काम के पैसा चार्ज कर दिए,जिससे इनके ऊपर जांच की बात आई तो ऑफिस से पूरा वाउचर और फाइल ही गायब कर दिए। पूर्व भानुप्रतापपुर में रहते हुए इनके ऊपर विभागीय कार्यों में 50 % कमीशन लेने के आरोप लगते रहे।

इसके अलावा पहारे पर भी रायगढ़ में एसडीओ रहते हुए बड़े बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। इन सभी प्रमोटी आईएफएस को लूपलाइन देने के बजाय बड़े वनमंडल से उपकृत किया गया है। अब और बड़े वनमंडल देने की तैयारी चल रही है। जबकि यंग डायरेक्ट आईएफएस पोस्टिंग के लिए दर दर ठोकरे खा रहे है।

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