विश्व को मानवाधिकार की अवधारणा भारत की देन

सक्ती10 दिसंबर को दिल्ली के कांस्टिट्यूशनल क्लब मे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस का आयोजन इंटरनेशनल हयूमन राइट्स युनियन के द्वारा किया गया, कार्यक्रम मे प्रताप चंद्र सारंगी सांसद लोकसभा एवम् पूर्व केंद्रीय मंत्री, दिल्ली विधानसभा के सभापति रामनिवास गोयल, न्यायमूर्ति राजेश टंडन, अल्पसंख्यक आयोग की न्याय मूर्ति कुरियन, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर, अरुणाचल के पूर्व मुख्य सचिव एवम् दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष रमेश नेगी, डी सी पी राजीव रंजन, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के लीगल कंसल्टेंट ए के सिंह, कैंसर कंट्रोल सोसाइटी के डॉ वी के सिंह, समाज सेविका सुश्री अनिता मुकीम, ओ पी शर्मा के साथ कई गणमान्य लोग उपस्थिति हुए। प्रताप चंद्र सारंगी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा की विश्व को मानवाधिकार की अवधारणा भारत की देन है। हमारे देश के सभी आदि ग्रंथ मे मानव के समानता और अधिकार की बात कही गई हैं। शिकागो के सम्मे लन मे स्वामी विवेकानंद जी ने नारी और पुरुष मे समानता होने का संदेश समस्त विश्व को दिया था।

दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने मानवीय मूल्य के संरक्षण पर जोर देने की बात कही। शिक्षा रोटी और रोजगार सभी की मूलभूत आवश्यकता है और इसके लिए आगे आकर काम किये जाने की जरूरत है,इस अवसर पर समाज मे उत्कृष्ट सेवा और अपनी सामाजिक जिम्मेवारी का अर्थपूर्ण निर्वहन करने के लिए सामाजिक दायित्व उत्कृष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया जिनमे
पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी, भारतीय पुलिस सेवा के अजय चौधरी, कोल इंडिया के अधिकारी श्री संजय,भारत सरकार के प्रोविडेंट फंड के ज़ोनल कमीशनर अभय रंजन, थर्ड जेंडर की प्रिया सहनी, नेशनल ला इंस्टिट्युट के रजिस्टार् के एस भाटी, बंगलोर से सुश्री इंदु, पंजाब से श्री पी के गुप्ता, आगरा से संजय शर्मा, ग्लोबल इंडिया फाउंडेशन के नवीन कुमार, बिहार के डॉ वरुण कुमार, बी के मिश्रा, दिल्ली से डॉ वि के मोंगा, डॉ पंकज, संजय अग्रवाल आदि को सम्मानित किया गया,संस्था के सदस्यगण मनोज सेठी,अतुल सेठ, युगल किशोर दिवेदी,शिवेंदु, पूजा गर्ग, ओ पी सिंह, विवेक उपाध्याय, संदीप स्नेह उपस्थित रहे।

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