रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बिजली संविदा कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना 22 मार्च आज 12वें दिन भी जारी है। अर्धनग्न होकर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। नियमितीकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन 10 मार्च से लगातार जारी है। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक शासन मांगे पूरी नहीं करेगी। उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। बता दें मांगों को लेकर शासन के विरोध में सोमवार को विधानसभा घेरने जाते बिजली संविदा कर्मचारियों पुलिस ने रास्ते पर ही रोक लिया था। इस दौरान कर्मचारी मांगों को पूरा करने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते दिखे।
21मार्च को सुबह 11 बजे से प्रदर्शन करते कर्मचारी शाम करीब साढ़े चार बजे बूढ़ा तालाब धरना स्थल से विधानसभा घेरने निकले थे। इस बीच सप्रे शाला स्कूल के करीब पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें दल-बल के साथ रास्ते पर रोक लिया था। आगे जाने नहीं देने से नाराज बिजली कर्मी वहीं सड़क पर बैठक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। शाम छह बजे के करीब कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वापस भेज दिया। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष विवेक भगत, महामंत्री उमेश पटेल, कोषाध्यक्ष अभिषेक वर्मा समेत सैकड़ों बिजली संविदा कर्मी मौजूद रहे।
पांच सरकारी अस्पताल सेवाओं में गुणवत्ता के लिए मिला सम्मान
केंद्र सरकार ने जिले के पांच सरकारी अस्पताल को अपनी सेवाओं में बेहतर गुणवत्ता के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान किया है। प्रमाण पत्र मिलने वाले अस्पतालों में रायपुर के हमर अस्पताल राजातालाब, हमर अस्पताल भनपुरी, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंगोराभाठा, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हीरापुर व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरला शामिल है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर मीरा बघेल ने बताया कि दिसंबर से फरवरी माह के बीच देश के अलग-अलग राज्य के मुल्यांकनकर्ताओं के द्वारा इन संस्थान का मुल्यांकन किया गया था।