दुर्ग में विधवा बहू के साथ अत्याचार, टोनही कहा और चरित्र पर ससुराल वालों ने लगाया लांछन

दुर्ग। पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष द्वारा टोनही बताकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने, दहेज की मांग करने और घर से जबरन निकालने का गंभीर मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर महिला थाना सेक्टर-06 भिलाई में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए एवं 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पीड़िता के अनुसार पति की मृत्यु के बाद सास शिवकुमारी वर्मा, ससुर विजय वर्मा एवं देवर सुरेश वर्मा द्वारा लगातार टोनही कहकर ताने दिए जाते थे। उस पर जादू-टोना कर पति की जान लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। साथ ही उसके चरित्र पर लांछन लगाते हुए अवैध संबंध का आरोप लगाया। बेटी को भी नहीं दिया और उसे जबरदस्ती घर से निकाल दिया। इस संबंध में महिला थाना में दो साल पहले लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ। अब जाकर कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद महिला थाना में एफआईआर दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार प्रार्थिया पूनम वर्मा, पति स्वर्गीय अश्वनी वर्मा, निवासी ग्राम दनिया थाना बोरी तहसील धमधा जिला दुर्ग ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। प्रार्थिया का विवाह अश्वनी वर्मा से 12 मई 2014 को हुआ था। वैवाहिक जीवन से उनकी एक 8 वर्षीय पुत्री काव्या है। पति की मृत्यु 15 अक्टूबर 2018 को हो गई थी, जिसके बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना शुरू कर दी गई। ससुराल पक्ष द्वारा प्रार्थिया से मायके से 5 लाख रुपये लाने की मांग की गई। पति के नाम ग्राम बोड़ में स्थित दो एकड़ कृषि भूमि को देवर के नाम करने का दबाव भी बनाया गया। इंकार करने पर प्रार्थिया को धमकाया गया और मोबाइल फोन छीन लिया गया। देवर द्वारा डराने के लिए हत्या कर देने और बदनाम करने की धमकी भी दी गई। 17 जून 2023 को आरोपियों द्वारा प्रार्थिया को जबरन कार में बैठाकर मायके ग्राम दनिया छोड़ दिया गया। इस दौरान उसकी पुत्री को अपने पास रख लिया गया। प्रार्थिया के अनुसार उसे केवल पहने हुए कपड़ों में ही मायके भेजा गया और उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, गहने, नकदी लगभग 1.50 लाख रुपये सहित अन्य सामान ससुराल में ही रख लिया गया।

बाद में परिजनों के साथ जब प्रार्थिया अपनी पुत्री को लेने ससुराल पहुंची तो आरोपियों ने घर में घुसने नहीं दिया और बच्ची सौंपने से इंकार कर दिया। मजबूर होकर प्रार्थिया ने न्यायालय की शरण ली, जहां से 20 अक्टूबर 2023 को न्यायालय के आदेश पर उसे उसकी बेटी वापस दिलाई गई।

पूर्व में महिला थाना में शिकायत के बावजूद कार्यवाही नहीं होने पर प्रार्थिया द्वारा धारा 156(3) दंप्रसं के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना करने के आदेश के परिपालन में महिला थाना भिलाई द्वारा आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष रूप से की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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