दुर्ग। जिले में पत्नी की हत्या के मामले में पाटन न्यायालय ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी गोपीराम यादव (60) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत दोषी ठहराया। फैसला 24 फरवरी 2026 को सुनाया गया। न्यायालय ने गोपीराम यादव पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड जमा नहीं करने पर पांच माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। घटना उतई थाना क्षेत्र के ग्राम मर्रा गोठानपारा की है। वारदात 16 जुलाई 2024 की रात 9:30 बजे से 17 जुलाई की सुबह 5:00 बजे के बीच एक कच्चे मकान में हुई। 17 जुलाई की सुबह ग्राम सरपंच ने उतई थाने को सूचना दी कि गोपीराम यादव दरवाजा नहीं खोल रहा है और पुलिस बुलाने पर ही दरवाजा खोलने की बात कर रहा है।
उतई पुलिस मौके पर पहुंची। कमरा अंदर से बंद था, जिसे सब्बल से कुंडी निकालकर खोला गया। कमरे के भीतर खाट के पास सकुन बाई का शव पड़ा मिला। गले पर धारदार टंगिया से गहरा वार किया गया था। पास ही खून से सना टंगिया भी मिला। आरोपी गोपीराम यादव कमरे के भीतर ही मौजूद था। पूछताछ में उसने पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया। फैसले में कहा गया कि अभियोजन ने हत्या का अपराध संदेह से परे सिद्ध किया है।
पत्नी पर प्राणघातक हमला अत्यंत गंभीर अपराध है। सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रथम अपराध बताते हुए नरमी की मांग की, जबकि अभियोजन ने कठोर दंड की अपील की। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई और सजा वारंट जारी कर आरोपी को केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने का आदेश दिया।