कुम्हारी। स्वामी आत्मानंद विद्यालय कुम्हारी में दो दिवसीय हार्टफुलनेस मेडिटेशन कार्य शाला में कक्षा ग्यारहवीं व बारहवीं (हिंदी और अंग्रेजी माध्यम) के 202 विद्यार्थी तथा 25 शिक्षकों ने सम्मिलित होकर हार्टफुलनेस मेडिटेशन का ज्ञान और अनुभव प्राप्त किया। प्रथम दिवस में हार्टफुलनेस रिलैक्सेशन और मेडिटेशन करके विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल अनुभव कराया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रेक्टिकल अनुभव करने के बाद स्वयं को रिलैक्स महसूस होना बताया गया। दूसरे दिन की प्रस्तुति और प्रेक्टिकल अनुभव में विद्यार्थियों को अपने अंदर की जटिलताओं और मन की अशुद्धियों को क्लीनिंग विधि से हटाना बताया गया। तीसरे दिन के सत्र में हार्टफुलनेस प्रार्थना के विषय में बताया गया हमें प्रार्थना मन से करना चाहिए और प्रार्थना में विश्व कल्याण की भावना निहित होनी चाहिए।

इस कार्यशाला में डॉ. एस डी देशमुख (सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, हार्टफुलनेस ट्रेनर और जोनल कोऑर्डिनेटर दुर्ग) ने वालंटियर के रूप में भाग लिया। सुंदरी देशमुख (हार्टफुलनेस ट्रेनर और सेवा निवृत्त मैनेजर हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने वालंटियर के रूप में इस कार्यशाला में भाग लिया। परेश वेटेकर (हार्टफुलनेस ट्रेनर और सेवा निवृत्त डिस्ट्रिक्ट मैनेजर फाइजर) ने मेडिटेशन को ट्रांसमिशन के साथ पूर्ण कराया। हेमा वेटेकर (कोऑर्डिनेटर हार्टफुलनेस) ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपनी प्रस्तुति दी। संतोष मिश्रा ( सेवा निवृत्त शिक्षक, स्कूल शिक्षा विभाग)ने वालंटियर के रूप में प्रोग्राम में भाग लिया। अंतिम सत्र में संस्था की प्राचार्या लता रघु कुमार ने विद्यार्थियों को ध्यान क्लीनिंग और प्रार्थना इन सभी का सदैव अपने जीवन में अभ्यास करने के लिए प्रेरित करते हुए आग्रह किया। कार्यशाला में आए समस्त हार्टफुलनेस टीम को प्राचार्या लता रघु कुमार द्वारा पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।