रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित किया और अभिभाषण पढ़ा। विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल डेका का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने स्वागत किया। अभिभाषण का मूल पाठ इस प्रकार है,
1. आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई।
2. राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं।
3. प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है।
4. अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे।
5. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है।
6. छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है।
7. मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।
8. समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।
9. सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।
10. विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
11. इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।
12. केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
13. मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
14. मेरी सरकार गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों को उपलब्ध कराने की दिशा में पुख्ता काम कर रही है। बीज उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग के किसानों को प्रमाणीकरण शुल्क में शतप्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। दो साल में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किये गये हैं।
15. हमारे किसान भाइयों द्वारा उपजाया खाद्यान्न निर्यात के माध्यम से विदेशों तक अधिकाधिक पहुंचाया जाए, इसके लिए मेरी सरकार ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है जिससे खाद्यान्नों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके। इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की सहायता से 06 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।
16. दुनिया भर में खेती-किसानी की तकनीक बदल रही है। कृषि शोध में लगे अध्यापकों और छात्रों को मेरी सरकार द्वारा निरंतर एक्सपोजर विजिट भी कराया जा रहा है। प्रदेश में दलहन और तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। ‘दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना‘ में प्रति क्विंटल दिए जाने वाले 1000 रूपए के अनुदान को अब बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। ‘अक्ती बीज संवर्धन योजना‘ के तहत तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं वितरण पर अनुदान राशि 1000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है।
17. फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने धान के बदले अन्य खरीफ फसल लेने वाले कृषकों को भी प्रति एकड़ 11 हजार रुपए आदान सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है।
18. खाद्यान्न तेल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार पाम ऑयल को बढ़ावा दे रही है। मेरी सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा दिये जा रहे अनुदान के अतिरिक्त 69 हजार 620 रुपए का टापअप अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है।
19. छत्तीसगढ़ में कोदो और रागी जैसे मिलेट्स की खेती में बड़ी संभावना है और इसके बीजों के आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मेरी सरकार प्रयासरत है।
20. हमारे वनांचल जैविक खेती के लिए सबसे अनुकूल हैं और इससे स्थानीय किसानों के लिए बड़े लाभ की संभावनाएं खुलेंगी। प्रदेश में 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है।
21. हमारा छुईखदान पान की बेलों के लिए प्रसिद्ध रहा है। मेरी सरकार ने यहां पान अनुसंधान केंद्र आरंभ किया है।
22. खेती-किसानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था का विस्तार पशुपालन को बढ़ावा दिए बिना संभव नहीं है। मेरी सरकार ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू किया है।
23. सहकारिता की ताकत सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत से लोगों को जोड़ते हुए ‘सहकार से समृद्धि योजना‘ के तहत 488 नवीन डेयरी समितियों का गठन किया गया है। दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से महासंघ द्वारा दूध का क्रय मूल्य 35 रुपए से बढ़ाकर 36 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है।
24. वर्ष 2022-23 में जहां दूध उत्पादन 1955 हजार टन था वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 2162 हजार टन हो गया। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी वर्ष 2022-23 के 180 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 194 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। दूध उत्पादन बढ़ने का लाभ किसानों को तो हो ही रहा है, हमारे नौनिहालों को भी इसके माध्यम से बेहतर पोषण मिल रहा है।
25. मत्स्यपालन के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। कांकेर जिला देश भर में इस क्षेत्र में मॉडल जिला बना है। यह केंद्र सरकार द्वारा बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट के रूप में चुना भी गया है। अभी हमारा प्रदेश मत्स्य उत्पादन के मामले में देश में छठवें स्थान पर है। मेरी सरकार ने वर्ष 2047 तक इसे देश में तीसरे स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा है। गांव में खेत, घर में पशुपालन और खेत से लगी डबरी में मछली पालन, इस तरह के एप्रोच से काम करने से किसान भाइयों की आय में और भी वृद्धि होगी। मेरी सरकार इस दिशा में किसान भाइयों को प्रेरित करने का काम कर रही है। इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आये हैं। निजी क्षेत्र में 7580 हेक्टेयर में मत्स्यपालन का काम हो रहा है।
26. विकसित छत्तीसगढ़ का आधार सिंचाई परियोजनाएं हैं। पिछले दो वर्षों में मेरी सरकार ने प्रदेश में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि की है, जिससे राज्य में कुल विकसित सिंचाई क्षमता 21 लाख 76 हजार हेक्टेयर हो गई है।
27. 73 हजार हेक्टेयर से अधिक सिंचाई सुविधा में विस्तार एवं पुनर्स्थापन के लिए 477 सिंचाई योजनाओं के लिए 1874 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी गई है।
28. सिंचाई योजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजों के प्रकरण को निपटाने में मेरी सरकार ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। किसान भाइयों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 400 करोड़ रुपए मुआवजा का भुगतान किया गया, वहीं वन भूमि से संबंधित 100 करोड़ रुपए की लंबित मुआवजे राशि का भुगतान किया गया। इससे वन प्रभावित सिंचाई योजनाओं के निर्माण में गति आई है।
29. मातृशक्ति का सम्मान, उनकी गरिमा की रक्षा और उनका आर्थिक सशक्तीकरण मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
30. माताएं-बहनें कुशल बजट प्रबंधक होती हैं। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि हम प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा कर रहे हैं। मेरी सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रूपए जमा किए हैं।
31. दो साल पहले मेरी सरकार ने यह योजना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आरंभ की। तीन महीने में ही हितग्राहियों के चिन्हांकन का काम पूरा हो चुका था। माओवादी हिंसा की वजह से बस्तर के कुछ क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल सका था। उन 7,763 महिलाओं को भी योजना से लाभान्वित करना आरंभ कर दिया गया है।
32. ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘ के अंतर्गत फरवरी 2026 में राज्यभर में एक साथ 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। इनमें से 1,316 जोड़े रायपुर में विवाह बंधन में बंधे। यह भव्य आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के 6 जोड़ों का विवाह भी इसी योजना के तहत कराया गया, जो विश्वास, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव का सशक्त संदेश है।
33. मेरी सरकार ने मातृशक्ति के लिए प्राथमिकता से योजनाएं बनाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में माताएं-बहनें अपने हुनर को आगे बढ़ाएं, इसके लिए 137 महतारी सदन पूर्ण करा लिए गए हैं तथा 212 महतारी सदन निर्माणाधीन हैं।
34. हमारे नौनिहाल हमारा भविष्य हैं। पूरे जतन के साथ उनकी परवरिश हो, इसके लिए मेरी सरकार उनके पोषण का खास ध्यान रख रही है। ‘पोषण ट्रैकर एप‘ के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं, इससे हमारे नौनिहालों के कुपोषण के सभी मापदण्डों में कमी आ रही है।
35. पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रति आंगनबाड़ी गतिविधि में हमारा राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा है।