तिल्दा नेवरा, हमारा परिवार माता सेवा समिति के तत्वाधान में कालोनी के हृदय स्थल मध्य गार्डन में माता रानी विराजमान हुई है कोविड को ध्यान में रखते हुए कम संख्या में प्रतिभागियों द्वारा सेनेटाइजर का उपयोग करते हुए रास गरबा का आयोजन किया जा रहा है!माता रानी की मनमोहक मूर्ति, बच्चों और माताओं के मनोहारी रास गरबा सबको अपनी ओर आकर्षित करती है सभी कालोनी वासियों में उत्साह भरा हुआ है माता रानी कृपा बनाये रखें मंदिरों में जहां भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं तो रात में गरबों की धूम मची हुई है। हॉउसिंग बोर्ड कालोनी में हमारा परिवार माता सेवा समिति के द्वारा । आयोजित गरबे में प्रतिदिन बालिकाएं गरबों की मनमोहक प्रस्तुतियां दे रही हैं। गरबा आयोजन में शामिल होने वाले अतिथियों द्वारा श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को पुरस्कृत किया जा रहा है
गरबा और डांडिया का धार्मिक महत्व-
दोनों ही नृत्य रूपों से मां दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए युद्ध को दिखाया जाता है। डांडिया की रंगीन छड़ी को मां दुर्गा की तलवार के तौर पर भी देखा जाता है। तभी इसे तलवार नृत्य या डांस ऑफ स्वॉर्ड भी कहते हैं। गरबा डांस मां की दुर्गा की प्रतिमा या उनके लिए जलाई गई जोत के आसपास किया जाता है। ये किसी मां के गर्भ में जीवन का प्रदर्शन करने वाली लौ का प्रतीक है। गरबा करते समय बनाया गया गोला जीवन चक्र को दिखाता है। वहीं भाव-भंगिमाएं जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म का प्रतीक बनती हैं।