रायपुर, मदरहब, ग्रॉसरी, लार्ज व नॉन-लार्ज और डिलीवरी हब समेत 65 से ज्यादा केंद्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर 7 लाख से ज्यादा रोजगार सृजित करते हुए फ्लिपकार्ट ने उत्तर प्रदेश में रोजगार एवं आर्थिक बदलाव को गति दी है। राज्य की सांस्कृतिक विरासत, विकास की राह पर बढ़ता एमएसएमई सेक्टर और उद्यमिता को लेकर यहां के उत्साह का लाभ लेते हुए फ्लिपकार्ट ने कंपनियों को डिजिटल-फर्स्ट इकोनॉमी में आगे बढ़ने में सक्षम बनाया है। जूट कारीगर गिल्ड एसोसिएशन, लखनऊ, उत्तर प्रदेश की सचिव अंजलि सिंह ने कहा, ‘हमारे संस्थान जूट फॉर लाइफ ने 2019 में फ्लिपकार्ट समर्थ से हाथ मिलाया था और तब से हमारे कारोबार में उल्लेखनीय बदलाव आया है। लगातार रोजगार के अवसर प्रदान करते हुए 5,000 से ज्यादा महिला कारीगरों के साथ हमने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त किया है, जिससे उनके सपने पूरे हो रहे हैं।

इस पहल को लेकर फ्लिपकार्ट ग्रुप के चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजनीश कुमार ने कहा, ‘सरकार द्वारा अनुकूल कारोबारी माहौल बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने से उत्तर प्रदेश उद्यमशीलता के विकास और उद्यमों की सफलता के लिए अपार संभावनाएं प्रदान कर रहा है। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश ई-कॉमर्स को अपनाने और विक्रेताओं के सशक्तीकरण के मामले में अग्रणी राज्यों में से एक बन गया है। हमारे रणनीतिक निवेश और विस्तृत मार्केटप्लेस इकोसिस्टम के साथ हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश में स्थानीय समुदायों, एमएसएमई, किसानों एवं संबद्ध व्यवसायों को डिजिटल इकोसिस्टम में कदम रखने के उनके सफर में समर्थन प्रदान करते हुए सशक्त करना है। फ्लिपकार्ट समर्थ, समर्थ कृषि और राज्य में नए एफसी की लॉन्चिंग जैसी पहलों के माध्यम से फ्लिपकार्ट रोजगार के हजारों अवसर पैदा कर रहा है, जिससे 2027 तक उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में मदद मिल रही है।